16/04/2020
कभी पुलिसकर्मियों पर पथराव,,,तो कभी डॉक्टरों पर थूकना,,और अब मीडियाकर्मी के पुत्र पर हमला,,,ऐसे लोगो के खिलाफ देशद्रोह का मामला होना चाहिए दर्ज
देश मे लॉक डाउन के दौरान डॉक्टर,पुलिसकर्मी,और मीडियाकर्मी अपनी जान की परवाह करे बिना ड्यूटी कर रहें है और लोगों को घरों में रहने हिदायत दे रहे है जिससे इस घातक महामारी से लड़ा जा सके।
जहाँ एक तरफ लोगो को धारा 144 और लॉकडाउन का पालन कराने पुलिसकर्मी चौक चौराहों में मुस्तैद है तो वही दूसरी तरफ डाक्टर भी कोरोना संक्रमितों का इलाज करने दिन रात एक कर रहे है न खाने का ठिकाना न घर जाने समय यही हाल मीडियाकर्मियों का भी है जो अपने परिवार की परवाह किए बिना, आमजन तक सही जानकारी पहुंचाने अपने कर्तव्यों का पालन रहे है। ये सिर्फ इस लिए ड्यूटी कर रहे ताकि सभी अपने परिवार के साथ घर मे सुरक्षित रह सकें।
क्या ये इंसान नही क्या इन्हें अपने परिवार की चिंता नही अगर ये सब भी अपनी ड्यूटी छोड़ कर घर मे बैठ जाए तो ज़रा सोचिए क्या होगा? शर्म आनी चाहिए ऐसे लोगों को जो पुलिसकर्मियों के ऊपर पथराव करते है और डॉक्टरों के ऊपर थूक रहे है। पर हद तो तब हो गई जब एक युवक को कुछ लोग इस लिए बेरहमी से पिट दिए कि उसका पिता न्यूज़ कवर करने जाता है। जिससे कोरोना संक्रमण फैल सकता है।
पुलिस पर पथराव,डॉक्टरों पर थूकना और मीडियाकर्मियों के साथ ही उनके परिवार पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ देशद्रोह का अपराध दर्ज होना चाहिए। क्योकि इनके द्वारा किया गया कृत्य कतई माफी के लायक नही है। इस घोर आपदा के वक्त अपने घर परिवार का मोह त्याग ये लोग सिर्फ देशवासियों की रक्षा के लिए अदृश्य दुश्मन को परास्त करने में लगे है उनके साथ ऐसा बर्ताव इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना है