APCR Bhopal

APCR Bhopal एपीसीआर भारत के वंचित और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने पर केंद्रित है।

मिलते हैं भोपाल में 17 मई को ।
08/05/2026

मिलते हैं भोपाल में 17 मई को ।

आईये मिलते हैं भोपाल में,APCR -एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स लॉयर्स एंड एक्टिविस्ट फॉर जस्टिस स्टेट कॉन्फ्रें...
26/04/2026

आईये मिलते हैं भोपाल में,

APCR -एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स

लॉयर्स एंड एक्टिविस्ट फॉर जस्टिस स्टेट कॉन्फ्रेंस

भोपाल 17 मई 2026 दिन इतवार


मध्यप्रदेश चैप्टर

कल अधिवक्ता अकरम सिद्दीक़ी और शादाब हुसैन साहब की कोशिशों से मौलाना अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी साहब को बहराइच ज़िला जेल ...
12/04/2026

कल अधिवक्ता अकरम सिद्दीक़ी और शादाब हुसैन साहब की कोशिशों से मौलाना अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी साहब को बहराइच ज़िला जेल से रिहाई मिल गई।

अब आगे APCR मौलाना की ग़ैर क़ानूनी गिरफ्तारी के ख़िलाफ़ इलाहाबाद हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ेगी। आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में काग़ज़ी कार्यवाही के बाद मौलाना को बिहार रवाना कर दिया गया।
Association for Protection of Civil Rights - APCR

आज APCR द्वारा “News of Bhojpur” पेज द्वारा पोस्ट किए गए एक आपत्तिजनक वीडियो के खिलाफ तलैया थाना, भोपाल में FIR हेतु आवे...
03/04/2026

आज APCR द्वारा “News of Bhojpur” पेज द्वारा पोस्ट किए गए एक आपत्तिजनक वीडियो के खिलाफ तलैया थाना, भोपाल में FIR हेतु आवेदन दिया है।

इस वीडियो में कथित रूप से भड़काऊ और साम्प्रदायिक भाषा का प्रयोग किया गया है, जो समाज में नफरत और अशांति फैलाने का काम करती है।

हमने प्रशासन से अनुरोध किया है कि:
1. मामले की निष्पक्ष जांच हो
2. दोषियों पर और के तहत सख्त कार्यवाही हो
3. यदि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है तो उसके जिम्मेदारों को भी दंडित किया जाए

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ने दिल्ली पुलिस से अपील की है कि उत्तम नगर में ईद से पहले बढ़ते भड़काऊ भा...
16/03/2026

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ने दिल्ली पुलिस से अपील की है कि उत्तम नगर में ईद से पहले बढ़ते भड़काऊ भाषण और धमकियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए.

संगठन ने बताया कि कुछ समूह सोशल मीडिया और सार्वजनिक जगहों पर मुसलमानों को ईद मनाने से रोकने और हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.

APCR ने पुलिस से नियमित पेट्रोलिंग, सुरक्षा बढ़ाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

APCR के रोज़ा इफ्तार में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने लिया भाग, मुल्क में अमन चैन और तरक्की के लिए हुई दुआ।
11/03/2026

APCR के रोज़ा इफ्तार में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने लिया भाग, मुल्क में अमन चैन और तरक्की के लिए हुई दुआ।

APCR भोपाल की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल में   कैदियों के लिए रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया। APCR कॉर्डिनेटर अनवर पठान, ज...
08/03/2026

APCR भोपाल की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल में कैदियों के लिए रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया। APCR कॉर्डिनेटर अनवर पठान, जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर फ़ज़ल रहमान, सचिव एडवोकेट अशरफ अली, फैजुद्दीन खान समेत पूरी टीम रही मौजूद।

APCR कॉर्डिनेटर अनवर पठान ने सहयोग देने के लिए जेल प्रशासन, जेल अधीक्षक और जेलर का जताया आभार।

इन तस्वीरों में दिखाई दे रही दो अलग-अलग घटनाएँ हमें एक गंभीर सामाजिक प्रश्न पर विचार करने के लिए प्रेरित करती हैं। हम अक...
13/02/2026

इन तस्वीरों में दिखाई दे रही दो अलग-अलग घटनाएँ हमें एक गंभीर सामाजिक प्रश्न पर विचार करने के लिए प्रेरित करती हैं। हम अक्सर यह कहते हैं कि हमारा देश प्रगति कर रहा है, हमारी संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराएँ विश्व में सम्मानित हैं, और हम वैश्विक स्तर पर एक मजबूत पहचान बना रहे हैं। बड़े मंचों से देश, लोकतंत्र, एकता और समाज के उत्थान की बातें की जाती हैं।

लेकिन जब हम कुछ घटनाओं को देखते हैं, तो न्याय और कानून के अनुप्रयोग में समानता को लेकर स्वाभाविक प्रश्न उठते हैं।
एक ओर, यदि किसी दुर्घटना में लापरवाही या नशे की स्थिति के कारण किसी की जान चली जाती है या गंभीर चोट पहुँचती है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष तथा सख्त जांच होना आवश्यक है।

दूसरी ओर, यदि कोई नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति व्यक्त करता है — जैसे कि विरोध प्रदर्शन करना या प्रतीकात्मक रूप से काला झंडा दिखाना — तो यह लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में आने वाली अभिव्यक्ति मानी जाती है, बशर्ते कि वह कानून और व्यवस्था का उल्लंघन न करे।

ऐसी परिस्थितियों में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सभी मामलों में कानून का पालन समान रूप से और निष्पक्षता से किया जा रहा है? क्या जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया हर व्यक्ति के लिए एक जैसी है, चाहे वह आर्थिक रूप से संपन्न हो, प्रभावशाली हो या एक सामान्य नागरिक?

भारत का संविधान समानता और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है। कानून का उद्देश्य यही है कि हर व्यक्ति के साथ समान व्यवहार हो और किसी भी प्रकार का पक्षपात न हो। इसलिए आवश्यक है कि हर मामले में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विधि के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाए।

लोकतंत्र की मजबूती इसी में है कि नागरिक सजग रहें, संवैधानिक दायरे में रहकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझें, और न्याय व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखें। साथ ही, किसी भी घटना के संबंध में निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

जागरूक नागरिकता ही एक मजबूत और संतुलित लोकतंत्र की पहचान होती है।

बालाघाट जिले के घोटी–नंदोरा गांव में 10 मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार बेहद चिंताजनक है। दैनिक भास्कर के अनुसार मु...
04/02/2026

बालाघाट जिले के घोटी–नंदोरा गांव में 10 मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार बेहद चिंताजनक है। दैनिक भास्कर के अनुसार मुनादी कराकर लेन–देन और रोजगार बंद कराया गया, जिससे परिवारों की आजीविका और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ा है। इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा हैं।

APCR भोपाल का मानना है कि इस बहिष्कार के पीछे हेट स्पीच और भड़काऊ आयोजनों की भूमिका सामने आ रही है। बच्चों में भय, महिलाओं में असुरक्षा और कामगारों का बेरोजगार होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। किसी भी समुदाय का सामूहिक बहिष्कार कानूनन अपराध है और समाज को बांटने वाला कृत्य है।

APCR भोपाल की मांग है कि DGP और गृह सचिव पूरे प्रदेश में ऐसे आयोजनों व हेट स्पीच पर तत्काल रोक लगाएं। जिला कलेक्टर और एसपी बहिष्कार को तुरंत समाप्त कराएं। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर सामाजिक सौहार्द बहाल किया जाए।

02/02/2026

कोटद्वार में हाल ही में हुई साम्प्रदायिक घटना को लेकर APCR भोपाल ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संस्था का कहना है कि घटना के दौरान तनाव को बढ़ने से रोकने और शांति बनाए रखने का प्रयास करने वाले दीपक कुमार और विजय रावत के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर गंभीर सवाल खड़े करती है। उपलब्ध वीडियो साक्ष्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि दोनों की भूमिका रक्षात्मक थी और उनका उद्देश्य स्थिति को नियंत्रित करना था, इसके बावजूद उनके विरुद्ध कठोर कानूनी धाराओं का प्रयोग चिंताजनक है।

APCR भोपाल का यह भी कहना है कि एक ओर शांति कायम रखने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर खुले तौर पर धमकी, नारेबाज़ी और साम्प्रदायिक डर फैलाने वालों को “अज्ञात” बताकर छोड़ दिया गया। इस तरह की चयनात्मक कार्रवाई कानून के समान और निष्पक्ष प्रयोग के सिद्धांत के विपरीत है तथा इससे असामाजिक और कट्टर तत्वों का मनोबल बढ़ता है।

संस्था पौड़ी गढ़वाल पुलिस प्रशासन से मांग करती है कि सभी मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए, निर्दोष नागरिकों पर लगाए गए अनुचित आरोप तुरंत वापस लिए जाएं और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई की जाए। APCR भोपाल संविधान में निहित समानता, न्याय और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।

दिनांक 15 जनवरी 2026 को  रात 9 बजे आलम नगर, कल्पना नगर में पार्किंग को लेकर हुई एक मामूली कहासुनी को दुर्भाग्यवश सांप्रद...
19/01/2026

दिनांक 15 जनवरी 2026 को रात 9 बजे आलम नगर, कल्पना नगर में पार्किंग को लेकर हुई एक मामूली कहासुनी को दुर्भाग्यवश सांप्रदायिक रंग दे दिया गया। इस मामले में पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई करते हुए मुस्लिम पक्ष के लोगों पर मामला दर्ज कर के लोगों को जेल भेज दिया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है।
इस कार्रवाई में:
सायमा बानो (उम्र लगभग 40 वर्ष)
एक नाबालिग लड़का आयान परिवर्तित नाम (उम्र 16 वर्ष)
तथा तीन अन्य लोगों
की गिरफ्तारी की गई है।
आज APCR भोपाल अध्यक्ष ज़ुबैर इलाही उपाध्यक्ष डॉ फ़ज़ल ने फैक्ट-फाइंडिंग के उद्देश्य से ग्राउंड ज़ीरो पर पहुँचकर स्थिति का जायज़ा लिया तथा प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाक़ात कर मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग रखी।
हमारी स्पष्ट मांग है कि:
किसी भी साधारण विवाद को सांप्रदायिक रूप न दिया जाए
निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत जांच हो
नाबालिग और महिलाओं के अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाए
एकतरफा पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की जाए
न्याय, संविधान और कानून सबके लिए समान होना चाहिए।
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