14/04/2026
"मैं उस धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए।"
"मेरा संघर्ष केवल दलितों के लिए नहीं है, बल्कि हिंदू समाज में समानता और न्याय की स्थापना के लिए है।"
– डॉ. भीमराव अंबेडकर
बाबा साहब ने न केवल संविधान का निर्माण किया, बल्कि समाज में समता, शिक्षा और संगठन की अलख भी जगाई।
उनका संघर्ष पूरे भारतवर्ष के लिए था – दलितों, वंचितों, महिलाओं और हर उस व्यक्ति के लिए जो अन्याय से पीड़ित था।
आज उनकी जयंती पर, हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं और संकल्प लेते हैं कि उनके बताए मार्ग पर चलकर एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज का निर्माण करेंगे।