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itz_gourav_kushwah_ji जय श्री राम मित्रों ���

22/01/2026

*22 जनवरी श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा दिवस के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ। 🧡🕉️🙏*

17/01/2026

*ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय*

15/01/2026

Radha Krishna 🙌🙌

14/01/2026

*मेरी राम जी कह देना जय सिया राम 🧡🫶*
*मैं राम संग जपता तुम्हारा सदा नाम 🧡🕉️🙇‍♂️*

12/01/2026

*मित्रों शास्त्रों के अनुसार 27 कलियुग बीत चुके हैं और वर्तमान में 28वां कलियुग चल रहा है , चार युग (सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग) मिलकर एक महायुग बनता हैं, जिसकी कुल अवधि 43,20,000 (43 लाख 20 हजार) वर्ष है... हम सभी बार-बार हर युग में जन्म लेते रहे हैं और आज भी इस मृत्युलोक 🌍 में फँसे हुए हैं। न जाने कितने जन्म बीत गए, लेकिन किसी भी जन्म में हम ऐसे श्रेष्ठ कर्म नहीं कर पाए जिस से हमें मोक्ष की प्राप्ति हो हम जन्म-मृत्यु के इस अंतहीन चक्र में फंसे हुए है 😢*

*यदि 28 महायुगों की गणना करें, तो: ⏳*
*43,20,000 × 28 = 12,09,60,000 वर्ष और वर्तमान कलियुग के लगभग 4,27,000 वर्ष घटाने पर, शेष रहता है: 12,09,60,000 − 4,27,000 = 12,05,33,000 वर्ष*

*यह विषय अत्यंत गहरा है । 🤯 जिस मनुष्य को धर्म 🕉️ का ज्ञान हो वही इसकी गंभीरता को समझ सकता है। अन्यथा अज्ञान में डूबे मनुष्य के लिए यह केवल शब्दों और संख्याओं का एक सामान्य खेल मात्र है।*

11/01/2026

*अहंकार से ग्रस्त मनुष्य स्वयं को ही सर्वोच्च समझ लिया है और भगवान के अस्तित्व पर प्रश्न उठाने लगा है। अपनी असीमित लालसा और स्वार्थपूर्ण कर्मों के कारण वह स्वयं ही आने वाले समय में पृथ्वी के संतुलन को नष्ट करने वाला सिद्ध होगा जिसका दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।*

10/01/2026

*निश्चय ही इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला और कुछ भी नहीं है। जो मनुष्य योग में सिद्ध हो जाता है, वह समय के साथ उसी ज्ञान को अपने अंतःकरण में स्वयं प्राप्त कर लेता है।*

*यहाँ ज्ञान से आशय केवल पुस्तको 📚 का ज्ञान नहीं है, बल्कि आत्मज्ञान—यानी मैं वास्तव में कौन हूँ—इसकी अनुभूति।*
*पाप, भय, अहंकार, लोभ, मोह—ये सब अज्ञान से पैदा होते हैं।*
*जब ज्ञान होता है, तो अज्ञान नष्ट होता है।*
*इसलिए ज्ञान मनुष्य के मन, बुद्धि और कर्म—तीनों को शुद्ध कर देता है।*
*👉 जैसे अग्नि 🔥 सोने को तपाकर शुद्ध करती है, वैसे ही ज्ञान आत्मा को शुद्ध करता है।*

09/01/2026

अधिकतर हिंदुओं को इसके बारे में पता ही नहीं है , इसे *कीर्तिमुख* कहते है जो नकारात्मक शक्तियों, बुरी आत्माओं और बुरी नज़र को घर में प्रवेश करने से रोकता है इस घर के बाहर लगाया जाता है

क्या आपको इस से पहले कीर्तिमुख के बारे में पता था ? इमोजी रिएक्शन द्वारा अपना उत्तर बताएं
हा मुझे पता था - 🕉️
नहीं आज इस वीडियो के माध्यम से पता चला - 🧡

07/01/2026

*मनुष्य जैसा संग पाता है, वैसा ही अपना चरित्र बनाता है।*

अपने बच्चों को और अपने छोटे भाई-बहनों को *स्मार्टफ़ोन* की जगह धार्मिक शिक्षा दें। उन्हें *भगवद् गीता* पढ़ाए , ताकि वे सुसंस्कृत, संस्कारी और चरित्रवान बन सकें।

06/01/2026

*जय् बजरंग बली ❤️‍🩹*
❤️🐣🦋🙏

03/01/2026

*कर्मयोगी वह व्यक्ति होता है जो फल की इच्छा किए बिना, पूरी निष्ठा और समभाव (सुख-दुख, लाभ-हानि में समान रहते हुए) से अपने कर्तव्यों (कर्मों) का पालन करता है*

*नीचे दिए गए उदाहरण द्वारा इसे समझे*

*१) गुरुकुल में गुरु जो अपने छात्रों को पढ़ाता है क्योंकि पढ़ाना उसका धर्म है—न कि सिर्फ प्रशंसा या पदोन्नति के लिए — वह कर्मयोगी की भावना में काम करता है।*

*२) विद्यालय ( स्कूल ) में शिक्षक अपने छात्रों को पढ़ाता है क्योंकि पढ़ाना उसका कर्तव्य है —जिस से उसे वेतन अर्थात सैलरी मिलती है — वह उसका काम है यह कर्मयोग की श्रेणी में नहीं आता*

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