08/04/2026
"अभी रात्रि के 1 बज रहे हैं, सफर में हूं।
बाहर अंधेरा है, स्टेशन भी सुनसान, पर मन में उम्मीदों का सवेरा है।
संघर्ष जिंदगी का दूसरा नाम है, लेकिन इसे थकान नहीं, बल्कि अपनी ताकत मानकर आगे बढ़ते रहना ही जीवन है। हर मील का पत्थर, हर ठहराव, एक नया सबक सिखाता है।
सफर लंबा है, रास्ते अनजाने, लेकिन मेरी मंजिल तय है। "