12/07/2026
सेवा में
संपादक महोदय
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक 8/07/2026 नियत समय पर मतदान का कार्यक्रम शुरू हुआ परन्तु बेवजह एक घंटा समय निर्वाची पदाधिकारी द्वारा मतदान करने का समय बढ़ा दिया गया । मतदान के क्रम में किसी भी अधिवक्ता का भौतिक सत्यापन उनके पहचान पत्र नहीं किया गया जिस कारण अधिवक्ता के अलावा आम लोगों ने भी मतदान भारी मात्रा में किया । साथ ही साथ अमित इंक का निशान उंगली पर नहीं लगाया गया जिस कारण एक व्यक्ति के द्वारा कई बार बोगस मतदान किया गया । दिनांक 09/07/2026 को जब मतपत्र की छटनी की जा रही थी। तो पता चला आठ मतपेटी (बक्सा) दस मतपेटी हैं । बहुसंख्यक प्रत्याशी को इस बात की जानकारी नहीं थी। की दस मतपेटी में मतपत्र क़ैद हैं । सभी प्रत्याशी को इतना ही पता था। कि आठ मतपेटी में मतपत्र क़ैद है। यह प्रश्न जब प्रत्याशियों के द्वारा निर्वाची पदाधिकारी एवं उनके सहयोगी के बीच उठाया गया। तो निर्वाची पदाधिकारी तरह तरह का तर्क देने लगे एवं कहा कि मैं अपने मर्जी के अनुसार काम करता हूं। आपको जहां शिकायत करना है। आप कर सकते हैं । मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। इस पर हम प्रत्याशियों के अलावा अन्य अधिवक्ता ने धरना दे का निर्णय लिया । पुनः दिनांक 10/07/2026 को वर्तमान महासचिव प्रत्याशी विमल कुमार विमल ने अपने सहयोगी अधिवक्ता के साथ सुबह 10 बजे से जिला विधिज्ञ संघ के प्रशाल में इस चुनाव के खिलाफ में धरना पर बैठ गए । धरना पर बैठने के क्रम में अधिवक्ता प्रवीण कुमार महासचिव प्रत्याशी, अंजनी कुमार, अनिल प्रसाद, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी वीरेश प्रशाद मिश्रा ने भी संयुक्त आवेदन देते हुए। चुनाव की घोषणा के पूर्व उपरोक्त बिंदुओं पर
1. आठ बूथों पर आठ मतपेटी रखे गए थे। जबकि पता चला स्ट्रांग रूम में 10 मतपेटी (बक्सा) मतदान कराने की जानकारी सहायक निर्वाची पदाधिकारी, अधिवक्तागण एवं कर्मचारी को इस बात की जानकारी नहीं है।
2. फर्जी मतदान करने वालों की सी सी फुटेज के आधार पर जांच किया जाय।
3. मतदान पत्र प्राप्ति के बाद हस्ताक्षर का मेल करवाया जाय ।
4. बिना परिचय पत्र के जाँच ही मतदान अधिकतम अधिवक्ता के द्वारा मतदान किया गया इसकी जांच की जाय।
5. बूथ नंबर 7 एवं 8 पर दो अलग से मतपेटी (बक्शा) का इस्तेमाल क्यों किया गया ।
6. बूथ नंबर 7 एवं 8 में मतपेटी क्या छोटा बनाया गया था। अगर नहीं तो फिर 272 मत पड़ने के बाद ही मतपेटी दूसरा लगाना क्यों जरूरत पड़ गई।
7. चुकी एक से छः बूथ पर मतपेटी में मतदान मतदाता बूथ नंबर 1- 280, बूथ संख्या 2 - 300 बूथ संख्या - 3 279 बूथ संख्या - 4 - 288 बूथ संख्या - 5 - 282 बूथ संख्या - 6 - 269 मतदान पड़े । जबकि सबसे ज्यादा मतदान बूथ संख्या - 2 पर 300 मतदाताओं ने अपना मत का प्रयोग किया ।
गहन जांच करने के उपरांत ही मतगणना का कार्य प्रारंभ किया जाय जिससे कि सभी उम्मीदवारों के भावनाओं का सम्मान हो सके।
परंतु निर्वाची पदाधिकारी के द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए चटनी के बाद गिनती का कार्य का कार्य भी प्रारंभ कर दिया । एवं इससे प्रत्याशियों एवं अधिवक्ता गण के बीच निर्वाची पदाधिकारी के विरुद्ध काफी आक्रोश है। यह मामला अति संवेदनशील है। एवं निर्वाची पदाधिकारी इस मामले को लेकर संवेदनहीन है एवं उदासीन रवैया एवं तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं।