Akash Anand

Akash Anand Motivational speaker
Civil service exam mentor

26/02/2024

माँ की गोद में सोने वाले
बहन से प्यार करने वाले
घर के ये शरारती पर सबकी आंखो के
तारे ये प्यारे लड़के
घर से दूर बहुत दूर रहते अब ये लड़के

कभी मोहब्बत में फना
आज मोहब्बत के नाम से डरते ये लड़के
और महफिलों की जान कभी ये
दोस्तों के दोस्त यारों के यार ये
आज तन्हा तन्हा से ये लड़के...

उम्मीदें सबकी संभालते हुये
ख्वाबों को टालते लड़के
पूरा ही खर्च हो जाते हैं
खुद का समय निकालते लड़के

घर का खाना,
पिता की तबीयत
यही जांचते लड़के
कुछ और कहां कह पाते हैं
घर पर फोन लगाते लड़के

मन को मजबूर कर
खुद को मजबूत दिखाते लड़के
आंसुओ को कहीं छिपाकर
बस मुस्कुराते ये लड़के

जिंदगी जो कभी
जीते थे अपनी धुन में
आज दूर से जिंदगी को देखते लड़के
कहने को ख्वाहिश कुछ भी नहीं अब
ख्वाहिशों से बहुत दूर ये लड़के..

22/01/2024

मुझे आज पहली बार पता चला कि राम आएंगे।
राम कहीं चले गए थे क्या जो आज आ रहे हैं?
चले गए थे तो कहाँ चले गए थे और अगर आ रहे हैं तो कहाँ से आ रहे हैं।
मेरे राम तो सदा से मेरे अंतस में बसे थे, बसे हैं और बसे रहेंगे भी।

#मौसमी_भक्त #मेरे_राम

एक प्रोफेसर अपनी क्लास में कहानी सुना रहे थे....एक बार समुद्र के बीच में एक बड़े जहाज पर बड़ी दुर्घटना हो गयी। कप्तान ने श...
08/01/2024

एक प्रोफेसर अपनी क्लास में कहानी सुना रहे थे....

एक बार समुद्र के बीच में एक बड़े जहाज पर बड़ी दुर्घटना हो गयी। कप्तान ने शिप खाली करने का आदेश दिया। जहाज पर एक युवा दम्पति थे। जब लाइफबोट पर चढ़ने का उनका नम्बर आया तो देखा गया नाव पर केवल एक व्यक्ति के लिए ही जगह है। इस मौके पर आदमी ने औरत को धक्का दिया और नाव पर कूद गया।

डूबते हुए जहाज पर खड़ी औरत ने जाते हुए अपने पति से चिल्लाकर एक वाक्य कहा।

अब प्रोफेसर ने रुककर स्टूडेंट्स से पूछा – तुम लोगों को क्या लगता है, उस स्त्री ने अपने पति से क्या कहा होगा? ज्यादातर विद्यार्थी फ़ौरन चिल्लाये – स्त्री ने कहा – मैं तुमसे नफरत करती हूँ! I hate you!

प्रोफेसर ने देखा एक स्टूडेंट एकदम शांत बैठा हुआ था, प्रोफेसर ने उससे पूछा कि तुम बताओ तुम्हे क्या लगता है?

वो लड़का बोला – मुझे लगता है, औरत ने कहा होगा – हमारे बच्चे का ख्याल रखना!

प्रोफेसर को आश्चर्य हुआ, उन्होंने लडके से पूछा – क्या तुमने यह कहानी पहले सुन रखी थी ? लड़का बोला- जी नहीं, लेकिन यही बात बीमारी से मरती हुई मेरी माँ ने मेरे पिता से कही थी।

प्रोफेसर ने दुखपूर्वक कहा – तुम्हारा उत्तर सही है!

प्रोफेसर ने कहानी आगे बढ़ाई – जहाज डूब गया, स्त्री मर गयी, पति किनारे पहुंचा और उसने अपना बाकि जीवन अपनी एकमात्र पुत्री के समुचित लालन-पालन में लगा दिया। कई सालों बाद जब वो व्यक्ति मर गया तो एक दिन सफाई करते हुए उसकी लड़की को अपने पिता की एक डायरी मिली।

डायरी से उसे पता चला कि जिस समय उसके माता-पिता उस जहाज पर सफर कर रहे थे तो उसकी माँ एक जानलेवा बीमारी से ग्रस्त थी और उनके जीवन के कुछ दिन ही शेष थे।

ऐसे कठिन मौके पर उसके पिता ने एक कड़ा निर्णय लिया और लाइफबोट पर कूद गया। उसके पिता ने डायरी में लिखा था – तुम्हारे बिना मेरे जीवन को कोई मतलब नहीं, मैं तो तुम्हारे साथ ही समंदर में समा जाना चाहता था। लेकिन अपनी संतान का ख्याल आने पर मुझे तुमको अकेले छोड़कर जाना पड़ा।
जब प्रोफेसर ने कहानी समाप्त की तो, पूरी क्लास में शांति थी।

इस संसार में कइयों सही गलत बातें हैं लेकिन उसके अतिरिक्त भी कई जटिलतायें हैं, जिन्हें समझना आसान नहीं। इसीलिए ऊपरी सतह से देखकर बिना गहराई को जाने-समझे हर परिस्थिति का एकदम सही आकलन नहीं किया जा सकता।

◆ कलह होने पर जो पहले माफ़ी मांगे, जरुरी नहीं उसी की गलती हो। हो सकता है वो रिश्ते को बनाये रखना ज्यादा महत्वपूर्ण समझता हो।

◇ दोस्तों के साथ खाते-पीते, पार्टी करते समय जो दोस्त बिल पे करता है, जरुरी नहीं उसकी जेब नोटों से ठसाठस भरी हो। हो सकता है उसके लिए दोस्ती के सामने पैसों की अहमियत कम हो।

■ जीवन में जो लोग आपकी मदद करते हैं, जरुरी नहीं वो आपके एहसानों के बोझ तले दबे हों। वो आपकी मदद करते हैं क्योंकि उनके दिलों में दयालुता और करुणा का निवास है।

01/01/2024

नव बर्ष की शुभकामनाएं मित्रो,
सदा खुश रहें, स्वस्थ रहें, मस्त रहें...

इस संसार में अपनी नाकामियां का चिंतन और उपलब्धियां का बखान किए बिना सदा जैसे भी हो जिस भी परिस्थिति में हो.. सदेव मुस्कुराते रहें,

क्योंकि यह जो संसार है ना, जिसे आप अपनी शोहरतों या खामियों का हिस्सेदार मानते हो, यह केवल आपका भ्रम मात्र है, ना यह आपका है ना यह आपसे है,

आपके उतार चढ़ाव से इसे जरा भी फ़र्क नहीं पड़ता, आपको लगता है पर यह आपके किसी भी दुःख सुख का भागी नहीं है, आपकी विलुप्ता देख कर भी यह आपको अनदेखा कर सदा यूं ही चलता रहा है और आगे भी यूं ही चलता रहेगा,

आप मानोगे नहीं... पर यह संसार ही आपके जीने और मरने का कारण है,

अब देखिए ना... ... मछली का सारा संसार जल होता है पर जाल में जब वो फंसती है तो यही उसका "संसार" "जल" उसे छोड़, जाल के छिद्रों से बाहर निकल जाता है,

है ना!!

कश्ती सा जीवन यह,
पानी सा संसार है
मांझी सा सफ़र मेरा और ठिकाना,
इस पार है ना उस पार है...;

30/12/2023

,

जाते जाते एक बात तुमने मुझे सीखा ही दिया की कोई किसी का नहीं होता । ये जिंदगी, ये धन, ये रूप, ये यौवन, जिसपर मानव कभी दंभ भरता है की वो श्रेष्ठ है दूसरों से, एक पानी का बुलबुला है और कुछ नहीं।

सारी संपत्ति, सारा परिवार, नाते रिश्तेदार, समाज, तुम्हारी खुद की संतान, सब स्वार्थ के पुतले हैं और कुछ नहीं। जितना भी तुम इनके लिए कर लो, इनके लिए हर किसी से झगड़ लो, वक्त आएगा जब, सब तुम्हें भुला देंगे। यही तो संसार का नियम है जो गिरधर जी ने रचा है, माया का संसार ।

इस दुनिया में जीते जी, चाहे तुम कुछ भी हो, उद्योगपति, व्यापारी, खिलाड़ी, अभिनेता या कोई अफसर, मरने के बाद तुम बस हलवा पूरी ही बनोगे । लोग तुम्हारे मरने पर आएंगे, कुछ दिन रोएंगे या रोने का नाटक करेंगे। फिर सब हंसते हंसते दान दक्षिणा लेकर खा पीकर जाएंगे। अच्छे होगे तो कुछ लोग आस पड़ोस वाले दुख जताकर हाय हाय करेंगे वर्ना बोलेंगे की हाय जान छूटी ।

बस इतने ही जीवन के लिए हम लोग जिंदगी भर यही सोचते हैं की लोग क्या कहेंगे, यही सोचकर हर बार मर मर कर जीते हैं कि लोग क्या कहेंगे। ये चार लोग बस अर्थी को कंधा देने ही आते हैं।

खैर यही तो श्री कृष्ण कहते हैं कि,

ये दुनिया गोरख धंधा है
जग मोह माया में अंधा है

इसी के साथ इस साल का आख़िरी खत अब समाप्त करता हूं ।।
श्री कृष्ण जी हम सबका नया साल मंगलमय और शुभमय करें ।

जय जगन्नाथ
हर हर महादेव

 #अगर इस जगह कुत्ता पानी पी रहा होता, तो एक भी गाड़ी रुकना तो दूर, निकलते समय शीशा खोकर भी कुत्ते को धमकाते हुए चलते, गा...
25/12/2023

#अगर इस जगह कुत्ता पानी पी रहा होता, तो एक भी गाड़ी रुकना तो दूर, निकलते समय शीशा खोकर भी कुत्ते को धमकाते हुए चलते, गाय पानी पी रही होती, तो भी सभी गाड़ियाँ करुणा भाव में नही रुकती, साइड से निकाल लेते, हाथी भी पानी पी रहा होता तो भी गाड़ियाँ नही रुकती, धीरे से सब निकल जाते.........😊

लेकिन जब शेर पानी पीता है तो 1000 गाड़ियाँ भी रुकेंगी, और किसी की मजाल है कि, चाहे एक घंटा हो जाए, कोई हॉर्न बजा दे, सभी धीमी सासें लेते हुए, ये देखेंगे कि गाड़ी लॉक तो है, और ये सोचेंगे कि बस शेर पानी पीकर चला जाए, हमारी तरफ़ ना आए.........🤞

भावार्थ ये है कि, शक्ति ही आपकी #परिचायक है, शक्तिवान बनिए,
#दुर्बलता एक श्राप है 🙏🙏

सोच रहा था कुछ मोटिवेशनल लिखूँ, मगर जब मैंने मणिपुर की वायरल वीडियो देखा तो शर्मिंदगी होने लगी, क्या फायदा हमारे लिखने क...
23/07/2023

सोच रहा था कुछ मोटिवेशनल लिखूँ, मगर जब मैंने मणिपुर की वायरल वीडियो देखा तो शर्मिंदगी होने लगी, क्या फायदा हमारे लिखने का, जब ये लिखना दुनिया में कुछ बदल नहीं सकता, नहीं बदल सकता लोगो की घिनोनी मानसिकता। किस हद तक गिर चुके हैं लोग,इतनी दरिंदगी, शर्मशार है इंसानियत । वीडियो तो आप सभी ने देखी होगी कि किस तरह दो औरतों को निर्वस्त्र करके सड़क पर ले जाया रहा है, मुझे लिखते हुए बिलकुल शर्म नहीं आएगा कि किस तरह उन औरतों के साथ मर्द कहलाए जाने वाले नामर्द खुले आम अपनी वहशीपन दिखा रहे हैं, एक ना-मर्द उसके दोनों हाथ पकडे है,तो दूसरा उसके निचले हिस्से को बड़ी ही बेशर्मी से छूकर अपने ना - मर्द होने का सबूत दे रहा है। औरत निचले हिस्से से ही पैदा होता है हर मर्द और हर नामर्द भी । औरत के स्तनों से ही दूध पीकर बड़ा होता है हर मर्द और ना मर्द भी । सरकारों से शिकायत भी कैसी, क्योंकि उनसे तो उम्मीद करना ही बेकार होता है। ये पहली बार नहीं है कि मर्द अपने ना - मर्द होने का सबूत दे रहा है। हाँ नामर्द हो तुम जो ये बर्बरता दिखा रहे हो, कभी किसी को चाकू से गोदकर, कभी टुकड़े-टुकड़े करके, कभी नंगा करके। वहशी हो तुम, तुम्हारी माँ को तुम पर नहीं आज अपने आप पर शर्म आ रही होगी, कि उसने तुम्हें पैदा किया। वाक़ई मर्द बनना आसान है, मुश्किल है तो इंसान बनना । अगर कोई औरत तुम्हारे पास से गुज़रते हुए ख़ुद को डरा हुआ, असुरक्षित महसूस करती है, तो लानत है तुम्हारी मर्दानगी पर मुझे किसी से और कुछ नहीं कहना, ना ही इस बारे में और कुछ लिखना है क्योंकि कुछ वक्त के बाद हम हर घटना को भूल ही जाते है, इसे भी भूल जाएंगे। हमारी माँ, बहन, बेटी नहीं थी वे औरतें, हमे इससे क्या, हमें तो अपने आपसे मतलब है | अरे भई हम सेल्फ-लव वाले लोग है, हमें तो अपने like, share, comment से मतलब होता है|

गहराई से सोचो !आपकी ज़िंदगी का कोच कौन है ?? अनीता_अल्वारेज, अमेरिका की एक पेशेवर तैराक हैं जो वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरा...
05/07/2023

गहराई से सोचो !
आपकी ज़िंदगी का कोच कौन है ??

अनीता_अल्वारेज,
अमेरिका की एक पेशेवर तैराक हैं जो वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान परफॉर्म करने के लिए स्विमिंग पूल में जैसे ही छलांग लगाई , वो छलांग लगाते ही पानी के अंदर बेहोश हो गई ,

जहाँ पूरी भीड़ सिर्फ़ जीत और हार के बारे में सोच रही थी वहीं उसकी कोच एंड्रिया ने जब देखा कि अनीता एक नियत समय से ज़्यादा देर तक पानी के अंदर है ,

एंड्रिया पल भर के लिए सब कुछ भूल गई कि वर्ल्ड चैंपियनशिप प्रतियोगिता चल रही है , एक पल भी व्यर्थ ना करते हुए एंड्रिया चलती प्रतियोगिता के बीच में ही स्विमिंग पूल में छलांग लगा दी ,

वहाँ मौजूद हज़ारों लोग कुछ समझ पाते तब तक एंड्रिया पानी के अंदर अनीता के पास थी ,
एंड्रिया ने देखा कि अनीता स्विमिंग पूल में पानी के अंदर बेहोश पड़ी है ,

ऐसी हालत में ना हाथ पैर चला सकती ना मदद माँग सकती ,

एंड्रिया ने अनीता को जैसे बाहर निकाला मौजूद हज़ारों लोग सन्न रह गए , एंड्रिया ने अनीता को तो बचा लिया ,

लेकिन हम सबकी ज़िंदगी में बहुत बड़ा सवाल छोड़ गई !

इस दुनियाँ में ना जाने कितने लोग हम सबकी ज़िंदगी से जुड़े हैं कितनों से रोज़ मिलते भी होंगे ,

जो इंसान हर किसी से अपने मन की बात नहीं कह पाता कि असल ज़िंदगी में वह भी कहीं डूब रहा है , वह भी किसी तकलीफ़ से गुज़र रहा है , वह भी किसी बात को लेक़र ज़िंदगी से परेशान हो रहा है , लेकिन बता नहीं पा रहा है

जब इंसान किसी को अपने मन की व्यथा , अपनी परेशानी नहीं बता पाता तो मानसिक तनाव इतना बढ़ जाता है कि वह ख़ुद को पूरी दुनियाँ से अलग़ कर लेता है , सबकी नज़रों से दूर एकांत में ख़ुद को चारदीवारी में क़ैद कर लेता है ,

ये वक़्त ऐसा होता है कि तब इंसान डूब रहा होता है , उसका मोह ख़त्म हो चुका होता है , ना किसी से बात चीत ना किसी से मिलना जुलना ।

ये स्थिति इंसान के लिए सबसे ख़तरनाक होती है ,

जब इंसान अपने डूबने के दौर से गुज़र रहा होता है , तब बाक़ी सब दर्शकों की भाँति अपनी ज़िंदगी में व्यस्त होते हैं किसी को ख़्याल ना होता कि एक इंसान किसी बड़ी परेशानी में है ,

अगर इंसान कुछ दिन के लिए ग़ायब हो जाए तो पहले तो लोगों को ख़्याल नहीं आएगा , अगर कुछ को आ भी जाए तो लोग यही सोचेंगे , पहले कितनी बात होती थी अब वो बदल गया है या फिर उसे घमंड हो गया है या अब तो बड़ा आदमी बन गया है इसलिए बात नहीं करता , जब वो बात नहीं करता तो हम क्यों करें !

या फिर ये सोच लेते हैं कि अब दिखाई ना देता तो वो अपनी ज़िंदगी में मस्त है इसलिए नहीं दिखाई देता ,

अनीता पेशेवर तैराक होते हुए डूब सकती है तो कोई भी अपनी ज़िंदगी में बुरे दौर से गुज़र सकता है , ये समझना ज़रूरी है ।

लेकिन उन लोगों से हट कर कोई एक इंसान ऐसा भी होगा जो आपकी मनोस्थिति तुरंत भाँप लेगा , उसे बिना कुछ बताये सब पता चल जाएगा , आपकी ज़िंदगी के हर पहलू पर हमेशा नज़र रखेगा , थोड़ा सा भी परेशान हुए वो आपकी परेशानी आकर पूछने लगेगा।

आपके व्यवहार को पहचान लेगा , आपको हौसला देगा आपको सकारात्मक बनायेगा और एंड्रिया की तरह कोच बन कर आपकी ज़िंदगी को बचा लेगा ।

हम सबको ऐसे कोच की ज़रूरत पड़ती है…

ऐसा कोच कोई भी हो सकता है , आपका भाई , बहन , माँ , पापा ,
आपका कोई दोस्त , आपका कोई हितैषी , आपका कोई रिश्तेदार , कोई भी , जो बिना बताये आपके भावों को पढ़ ले और तुरंत एक्शन ले।

गहराई से सोचो आपकी ज़िंदगी का कोच कौन है ??
इसलिए रिश्तों को कभी कभी दस्तक देते रहिए।
रिश्तों को मजबूत बनाएं।
साभार

ll सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामय: ||

🙏🏻🙏🏻🌹🌹

27/02/2023
बस यूँ ही....
03/01/2023

बस यूँ ही....

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