23/09/2021
अपराध ,की सनसनी
मैंटनेंस केस CrPC धारा-125 में पति से क्या प्रश्न पूछे जाते है ?
मैन्टनेंस केस में पति से प्रति- परीक्षण (क्रॉस एग्जामिनेशन) में क्या प्रश्न पूछे जाते है ?
आम तौर पर झूठे केस में फसे आदमी ये तो पता करते है की पत्नी से केस में क्या प्रश्न करना है पर वो ये भूल जाते है की उनका क्रॉस-एग्जामिनेशन होगा और उनसे क्या प्रश्न पूछे जायेगे।हम आपको ये बातएंगे की पति से CrPC धारा-125 मैंटनेंस केस में उसकी पत्नी का वकील क्या प्रश्न पूछता है और उसका उसे क्या जवाब बना है।
आम तौर पर ये देखते है की पत्नी IPC धारा-498a का भी केस लगाई होती है, इस सन्दर्भ में CrPC धारा-125 के केस में पति से जो प्रश्न पूछे जाते है वो है :
प्रश्न: आपकी पत्नी ने आपके ऊपर IPC धारा-498a का केस लगाया है ?
उत्तर: यहाँ पर पति ध्यान नहीं देता और वो बोल देता है की हाँ जबकि ये समझने वाली बात है की ये प्रश्न उससे क्यों किया गया है।ये प्रश्न इसलिए किया गया है ताकि CrPC धारा-125 भरण-पोषण की कोर्ट में पत्नी का वकील ये बता सके की पत्नी के साथ प्रताड़ना हुई है इसलिए उसने 498a का केस डाला है केस डालने की पुस्टि उसका पति भी कर रहा है।
तब ऐसे में एक पति क्या जवाब दे, ऐसे में पति को जवाब देना है की मेरी पत्नी ने झूठा IPC धारा-498a का केस गलत तथ्य के आधार पर पैसे ऐठने को किया है।
हो सकता है जज आपकी पूरी बात न लिखे पर आपको निवेदन कर के अपनी पूरी बात लिखना है फिर भी यदि नहीं लिखी जाती तो लिख कर कोर्ट में देना है की आपने पूछे गए सवाल का जो उत्तर दिया था की: मेरी पत्नी ने झूठा IPC धारा-498a का केस गलत तथ्य के आधार पर पैसे ऐठने को किया है वो नहीं लिखा गया है।
IPC धारा-498a से सम्बंधित पति से दूसरा प्रश्न उसकी अपील के सम्बन्ध पूछा जाता है :
प्रश्न: आपने IPC धारा-498a की कोई अपील ( crpc-482) उच्च न्यायालय में नहीं की है ?
(ये प्रश्न पातियो से पूछा जाता है, जिसने IPC धारा-498a को क्वैश के लिए उच्च-न्यायालय में नहीं गए। इस प्रश्न को पति से पूछने का उदेश कोर्ट को ये बताना है की पत्नी में जो आरोप पति पर लगाए है वो पति कोमान्य है, इसलिए वो अपील नहीं किया है।)
उत्तर: यदि पति ने सच में अपील नहीं की है, तब पति को बोलना है की मुझे निचली कोर्ट में भी भरोसा है की वो मुझे ट्रायल से ही दोष मुक्त कर देगा इसलिए मै अपील में नहीं गया।ऊपर आप समझ ही गए होंगे की आपका उतर न लिखा जाये तो क्या करना होगा।
पति से CrPC धारा-125 भरण-पोषण मैन्ट्नन्स केस में पत्नी को पैसे देने को लेकर पति से जो प्रश्न पूछे जाते है वो निमलिखत है :
प्रश्न: आप अपनी पत्नी को भरण-पोषण मैन्ट्नन्स की राशि नहीं देना चाहते हो ?
यहाँ पति गलती कर बैठता है और बोल देता है की ऐसा नहीं है जिसका इस्तमाल पत्नी का वकील बहस में करता है और बोलता है की पति, पत्नी को पैसे देना तो चाहता है।
उत्तर: इस प्रश्न का उत्तर पति को देना है की हा नहीं देना चाहता हू, क्योंकी मेरी पत्नी बिना किसी कारन के झूठे आरोप लगा कर मुझसे अलग रह रही है।
प्रश्न: यह की आप जब पत्नी के साथ रहते थे तब भी आप पत्नी को भरण-पोषण मेंटेनेंस राशि नहीं देते थे ?
उत्तर: मै भले ही कोई राशि न देता हु पर जब मेरी पत्नी मेरे साथ थी तब मै उसका भरण-पोषण करता था।
वकील उच्च स्तय का हो तो यह भी प्रश्न पूछ सकता है कि
प्रश्न: आप न्यायालय को बोलते हो कि मैं अपने पत्नी बच्चे को रखना चाहता हूं तो आप अपने पत्नी व बच्चे/बच्चों का भरण पोषण करने के लिए सामर्थ्य हो या नही हो
ऐसे प्रश्न पूछ देने पर पति सोच में पड़ जाता है यदि नहीं बोलूं तो चाइल्ड कस्टडी बच्चों की मिलेंगे नहीं और हां बोलूं तो मतलब इसके पास बहुत सारे पैसे हैं यह भरण पोषण करने में सक्षम है पूरी तरह और ऐसा यह शपथ पूर्वक कह रहा है इसकोमोटा रकम बांध दो।और कोट अक्सर कहती भी है कि पति बेरोजगार भी है कुछ भी नहीं करता फिर भी वह अपने दायित्वों व कर्तव्यों से भाग नहीं सकता उसे भरण-पोषण की राशि बीवी बच्चों को देनी ही होगी।
ऐसे प्रश्नों का उत्तर हां में देने से पत्नी का वकील आपको सीआरपीसी 125 के प्रावधानों के अनुसार पर्याप्त साधनों वाला व्यक्ति कोर्ट के नजर में आपको प्रमाण कर देता है।और बहस में वकील यह कहते हैं कि यह भरण पोषण की राशि देने में पूरी तरह से सक्षम /समर्थ है इनपर पर भरण पोषण राशि आदेश किए जाय
उत्तर- यदि मेरी पत्नी व मेरे बच्चे मेरे साथ रहे तो मैं अपने सामर्थ्य व शक्ति अनुसार अपनी पत्नी वह बच्चे का भरण पोषण करने के लिए सक्षम हूं,मैं जो भी खाउगा पहले इनको खिलाऊंगा फिर मैं खाऊंगा और खुश रखूंगा
और बच्चे नहीं हैं तो यह कहना है कि मैं सीआरपीसी 125 के प्रावधानों के अनुसार पर्याप्त साधनों वाला व्यक्ति नहीं हूं इसलिए मैं अपने पत्नी का भरण पोषण करने के लिए सक्षम नहीं हूं मेरी पत्नी स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम है व अपना भरण-पोषण कर रही है किंतु यदि वह मेरे साथ रहे तो मैं अपने सामर्थ्य और शक्ति अनुसार उसका भरण पोषण करने के लिए सक्षम हूं ( यदि पति ने तलाक का केस दाखिल नहीं कर रखा है तभी कहना है यह भी ध्यान दें)
और यदि पति ने तलाक का केस दाखिल किया है तो
उत्तर दें कि- मेरी पत्नी अपना भरण-पोषण करने में सक्षम है व अपना भरण-पोषण स्वयं कर रही है और वह अपनी मर्जी से हमारा घर छोड़ कर के चली गई थी इसलिए उसका भरण पोषण करने का दायित्व मेरा नहीं है मेरी पत्नी का स्वयंका है
इस तरह से पति से पत्नी का वकील और भी कई सवाल करता है ताकि पति को फसा सके इसलिए पतियों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है और साक्छ्य सोच समझ कर देना है।
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