13/10/2023
अपराध के 49 मामले दर्ज हुए : रिपोर्ट
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की 'भारत में अपराध- 2021' रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 में देश में दर्ज रेप केसों की संख्या 28,046 थी जबकि 2019 में 32,033 रेप केस दर्ज हुए थे. एनसीआरबी, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है.
भारत में वर्ष 2021 में रेप के 31,677 केस दर्ज किए गए है. इस लिहाज से देश में रोजाना औसतन 86 रेप केस दर्ज हुए. देश में अपराधों को लेकर सरकार की नई रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर घंटे में महिलाओं के खिलाफ अपराध के करीब 49 मामले दर्ज हुए. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की 'भारत में अपराध- 2021' रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 में देश में दर्ज रेप केसों की संख्या 28,046 थी जबकि 2019 में 32,033 रेप केस दर्ज हुए थे. एनसीआरबी, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है.
राज्यवार बात करें तो राजस्थान (6,337) इस मामले में पहले स्थान पर रहा. इसके बाद मध्य प्रदेश (2,947), उत्तर प्रदेश (2,845)और महाराष्ट्र (2,496) का स्थान रहा. देश की राजधानी दिल्ली में 2021 में रेप के 1250 केस दर्ज किए गए. एनसीआरबी के अनुसार, रेप के अपराध की दर (प्रति लाख जनसंख्या) राजस्थान (16.4) में सबसे अधिक थी, इसके बाद चंडीगढ़ (13.3), दिल्ली (12.9), हरियाणा (12.3) और अरुणाचल प्रदेश (11.1) का स्थान रहा. अखिल भारतीय औसत दर 4.8 रही.
वर्ष 2021 में देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,28,278 मामले दर्ज किए गए, अपराध की दर (प्रति एक लाख का आबादी पर) 64.5 रही. आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि ऐसे अपराधों में अपराधों में चार्जशीटिंग दर (charge-sheeting rate)77.1 रही. बता दें, वर्ष 2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या 3,71,503 और 2019 में 4,05,326 थी. महिला वर्ग के खिलाफ अपराधों में रेप, रेप और हत्या, दहेज, एसिड अटैक, खुदकुशी के लिए उकसाना, अपहरण, जबरन शादी, ह्युमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) और ऑनलाइन उत्पीड़न आदि शामिल हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में, महिलाओं के खिलाफ अपराधों के सबसे अधिक मामले यूपी (56,083) में दर्ज किए गए, इसके बाद राजस्थान (40,738), महाराष्ट्र (39,526), पश्चिम बंगाल (35,884) और ओडिशा (31,352) का स्थान रहा.
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