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25/03/2024

उड़े गुलाल दिल से मीटे मलाल हैप्पी होली
आप सभी परम मित्रो को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

11/03/2024

ऐसे व्यक्ति का क्या भरोसा जो किरदार के जगह लिबास बदलते है
चाटु कार्य

15/11/2018

बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

Future of India एम एम ए एस पब्लिक स्कूल के तरफ से देश के सभी छत्रों को बाल दिवस की बहोत बहोत मुबारकबाददेश के भविष्य को द...
15/11/2018

Future of India
एम एम ए एस पब्लिक स्कूल के तरफ से देश के सभी छत्रों को
बाल दिवस की बहोत बहोत मुबारकबाद
देश के भविष्य को देश समर्पित
आज बाल दिवस के मौके पर हुनरमंद बच्चों को उपहार देते हुए

08/11/2018

बलरामपुर सस्पेंस क्राइम पेज पर आपका स्वगत है

22/01/2017
10/10/2016

सस्पेंस
क्राइम न्यूज
सच का दम बलरामपुर

देश की सम्मानित जनता से
अमन शांति की अपील

मोहर्रम दशहरा एक साथ फिर अमन और शांति का संदेश दे रहा है

प्यारे नवी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के प्यारे नेवासे हजरत इमाम हसन हुसैन ने समाजिक व धार्मिक बुराई के प्रति लडते लडते शाहिद हो गये

तो वहीं श्री राम जी ने जीवन काल में रावण जैसे पापी का वध कर समाज को कई प्रकार के बुराइयों से बचा लिया

अगर दोनों धर्मों का त्योहारों का मायने निकाला जाये तो उससे साफ पता चलता है

हिन्दू मुस्लिम समुदाय का नाम देकर हमें सिर्फ बाट दिया गया है। कही पुजा किया जाता है हम इंसानों
तो कहीं इंसानो द्वारा नमाज पडा जाता है
कुछ अराजकता के बहलाओ फुसलाओ में आकर
आज हम आस्था के रास्ता में रूकावट बनते जा रहे

अगर आपके आस पास कोई अराजकता द्वारा भ्रम फैलाया कर जा रहा रहा है तो अपने नजदीकी पुलिस चौकी । पुलिस स्टेशन व सक्षम आधिकारिये को सूचना दे

अनेकता में एकता ही हमारी शान है इसलिए मेरा भारत महान है
जय हिन्द जय भारत
ब्यूरो न्यूज
9454444483

महत्वपूर्ण सूचना

समाजवादी मोबाइल रजिट्रेसन सुरु हो गया है।

इच्छुक अभ्यर्थी
आवेदन करने के लिए हाई स्कूल मार्कशीट व मोबाइल फोन साथ में अवश्य लाये।

11/10/2017 को सुबह आठ बजे पङरी राम नाथ चौराहे पर आधार कार्ड केन्द्र पर समाजवादी मोबाइल पंजीकृत किया जाएगा

केन्द्र संचालक एम खान
मोबाइल नंबर
9170777172

06/08/2016

कलंकित समाज बैहशी दरिंदे को बढावा दे रही हमारी ही समाज

बुलंदशहर काण्ड कोई अकेली घटना नहीं है। यह किसी गैंग की कारस्तानी नहीं है। और इसे न तो कोई मुख्यमंत्री रोक सकता है , न कोई प्रधानमंत्री। यह
आइसोलेशन में घटी घटना नहीं है।

रिक्शावाला जब किसी महिला सवारी को बिठाता है तो देखिये उसकी आँखों में लालच का पानी। एक ऑटो ड्राइवर जब किसी युवती या बच्ची को बिठाता है तो देखिये उसकी नजर। वह आधा वक्त मिरर में ही देखता रहता है। बस कंडक्टर, ड्राइवर को देखिये, हवस होती है उनकी आँखों में। न न। जो रेप नहीं करता या नहीं किया, वह भी रेपिस्ट होता है। स्त्रियां समझती है।
दूर मत जाइये, अपने पास के बाजार में सब्जी वाले लौंडो की बातें सुनिये, फल बेचने वाले लड़को की बाते सुनिये, उनके द्विअर्थी संवाद सुनिये , केला, बाबूगोशा, नासपाती, संतरा के कई कई मांयने बनाये होते हैं। वे रिपीटेडली रेप करते हैं, बातों से, नज़रों से। स्त्रियां रोज़ झेलती हैं।

स्कूल की बच्चियों से पूछिये, कैसे देखता हैं उन्हें गार्ड, स्कूल बस का कंडक्टर, ड्राइवर, माली और उनका टीचर भी। स्कूल टीचर से पूछिये, कहाँ कहाँ कैसे कैसे बचती हैं वे। काम वाली बाइयों से पूछिये। बैंक में काम करने वाली स्मार्ट वुमेन से पूछिये, पुलिस में काम करने वाली एम्पावर्ड वुमेन से पूछिये, सब टारगेट हैं। और उन्हें कोई एलियन टारगेट नहीं कर रहा।

एक ट्रेन का आँखों देखा वाकया सुनाता हूँ ! ट्रेन थोड़ी खाली सी थी। एक अकेली लड़की भी लौट रही थी। पूरा ट्रेन उसे ऐसे घूर कर देख रहा था मानो चबा जायेंगे, पी जायँगे। चार चार डिब्बे दूर तक खबर पहुच चुकी थी कि एक लड़की अकेली है। फेलो-पैसेंजर की छोड़िये, पेंट्री वेंडर तक की नजरें स्कैन कर रही थी उसे। वह ऊपर वाली सीट में लगभग दुबकी ही रही। यह किसी रेप से कम नहीं होता।
अपने आसपास देखिये। रेल में देखिये। मेट्रो में देखिये। हवाई अड्डे पर देखिये। किसी अकेली लड़की को घूरती नज़रों को देखिये। शरीफ लोग स्कैन कर लेते हैं उन्हें। ये सब एक तरह से रेप ही है। स्त्रियां रोज़ गुज़रती हैं इस पीड़ा से।

देखिये कभी अपनी पुलिस को भी। स्त्रियों के प्रति उनका नजरिया कभी अनौपचारिक बातचीत में सुनिये। घर से निकलने वाली हर औरत उनके लिए ख़राब है, और घर के भीतर वाली औरतें चीज़।

यह समस्या क़ानून व्यवस्था की नहीं है। यह शिक्षा की भी नहीं है। यह समस्या सोशल कंडीशनिंग की है। जहाँ चारो ओर केवल यही सिखाया जाता है कि स्त्री केवल स्त्री है। माल है, उपभोग की चीज़ है। इसका न किसी पोलिटिकल पार्टी से सम्बन्ध है, न किसी राज्य से। सब जगह एक ही सोच है। स्त्री एक चीज़ है। रोज़ ही बुलंदशहर, रोज़ ही निर्भया काण्ड होता है हमारे बीच। यह कोई ऑर्गेनाइज़्ड क्राइम नहीं है कि पुलिस पेट्रोलिंग, मुखबिर से, इंटेलिजेंस के सपोर्ट से रोक लेंगे आप।
और हाँ , कभी लोकल संगीत को देख लीजिये, किसी भी भाषा में देख लीजिये, उत्तर से दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक, कितना गन्दा है वह, कितना हिंसक व बैसिहाना है वह । साथ ही , कितनी सहजता से उपलब्ध है पोर्न। ये सब कॉकटेल बना रहे हैं। समाज को हिंसक बना रहे हैं और बलात्कारी पैदा कर
रहे है ! अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति सदैव चाक चौबंद रहे सतर्क रहे सभी को जागरूक करते रहे !

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26/07/2016

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सस्पेंस
क्राइम न्यूज
सच का दम उत्तर प्रदेश
बलरामपुर

ब्यूरो चीफ मन्जूर अहमद खान के साथ जाने उत्तर प्रदेश कैसे बना उत्तम प्रदेश
मोबाइल नंबर
9454444483📲
9170777172📲
9125096957📩

उत्तर प्रदेश की रोचक तथ्य
राज्यपाल राम नाईक
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
आधिकारिक वेबसाइट up.gov.in
स्थापना का दिन जनवरी 1950
क्षेत्रफल 240,928 वर्ग किमी
घनत्व 828 प्रति वर्ग किमी
जनसंख्या (2011) 199,812,341
पुरुषों की जनसंख्या (2011) 104,480,510
महिलाओं की जनसंख्या (2011) 95,331,831
जिले 75
राजधानी लखनऊ
धर्म हिंदू, इस्लाम, ईसाई, बौद्ध, जैन
नदियाँ गंगा, यमुना, सरयू, गोमती, रामगंगा

वन एवं राष्ट्रीय उद्यान दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य, नवाबगंज पक्षी अभयारण्य आदि
भाषाएँ हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, अवधी, भोजपुरी, बुन्देली, ब्रज आदि
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार।
राजकीय पशु दलदली हिरण
राजकीय पक्षी सारस
राजकीय वृक्ष साल
राजकीय फूल पलाश
राजकीय नृत्य कथक
राजकीय खेल फील्ड हॉकी
नेट राज्य घरेलू उत्पाद (2011) 26355
साक्षरता दर (2011) 77.08%
1000 पुरुषों पर महिलायें 908
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 403
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 80
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश शब्द का वास्तव में अर्थ ‘उत्तरी प्रांत’ है और यह भारत के उत्तरी भाग में स्थित है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है, कानपुर इसकी औद्योगिक और आर्थिक राजधानी है।

उत्तर प्रदेश राज्य पड़ोसी देश नेपाल और उत्तर में उत्तराखंड राज्य से घिरा है। यह उत्तर-पश्चिम में दिल्ली और हरियाणा से, पश्चिम में राजस्थान से, दक्षिण-पश्चिम में मध्य प्रदेश से, पूर्व में बिहार और दक्षिण-पूर्व में झारखंड से घिरा है।

यह राज्य 2,40,928 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसमें 75 जिले हैं। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार यहां 19,98,12,341 से ज्यादा लोग रहते हैं और यह देश का सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश में कई ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक और मानव निर्मित पर्यटन स्थल हैं, जैसे ताजमहल, कौशाम्बी, वाराणसी, कुशीनगर, चित्रकूट, लखनउ, झांसी, मेरठ, इलाहाबाद और मथुरा आदि।

उत्तरी प्रदेश का इतिहास
उत्तर प्रदेश में समृद्ध ऐतिहासिक विरासत है जिसका आज के उत्तर प्रदेश को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश का इतिहास आर्य काल तक पुराना है जब आर्यों ने आकर देश के मध्य में बस्तियों की स्थापना की। उस समय वे इसे ‘मध्यदेश’ कहते थे। इतिहास में यहां कई राजवंशों का शासन रहा। 1 सहस्त्राब्दी के मध्य के आसपास यहां भगवान बुद्ध का आगमन हुआ, जिन्होंने बौद्ध धर्म का प्रचार किया। भगवान बुद्ध ने अपना पहला धर्मोपदेश उत्तर प्रदेश के सारनाथ में दिया। उस समय इस क्षेत्र पर मगध का राज था। इसके बाद नंदा राजवंश और फिर मौर्य का शासन यहां आया।

इस राज्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बहुत हद तक मुस्लिम शासन की शुरुआत से जुड़ी है। इस समय में राजपूतों की हार देखी गई। मुगल शासन के दौरान, खासकर सम्राट अकबर के शासन काल में इस राज्य की समृिद्ध अपने चरम पर थी। मुगल शासन के दौरान ही राज्य में कुछ बेहतरीन स्मारकों का निर्माण हुआ जिनका नाम हमेशा इतिहास में दर्ज रहेगा।

जैसे जैसे समय बीतता गया, उत्तर प्रदेश में मुगल शासन का पतन हुआ और ब्रिटिश शासन की शुरुआत हुई। मुगलों का प्रभाव सिर्फ दोआब क्षेत्र तक ही सीमित रह गया। सन् 1857 के सिपाही विद्रोह में उत्तर प्रदेश राज्य की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी। उत्तर प्रदेश में कई राजवंशों का राज रहा जिनमें शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश का भूगोल और मौसम
उत्तर प्रदेश राज्य का कुल क्षेत्र 2,40,928 वर्ग किलोमीटर में फैला है और यह भारत के उत्तरी भाग में स्थित है। यह राज्य अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमा नेपाल से साझा करता है। राज्य का ज्यादातर इलाका मैदानी है और हिमालय राज्य के उत्तरी भाग में स्थित है। उत्तर प्रदेश को तीन भागों में बांटा जा सकता है जिसमें पहला उत्तर में हिमालय क्षेत्र है। यह बहुत बीहड़ और विविध क्षेत्र है। इसकी टोपोग्राफी 300 मीटर से 5000 मीटर की उंचाई तक पहुंचते पहुंचते भिन्न होती जाती है। दूसरा भाग मध्य में स्थित गंगा के मैदानी इलाके हैं। यह बहुुत उपजाउ जलोढ़ मिट्टी वाला इलाका है और इसका लैंडस्केप सपाट है। यहां कई झीलें और नदियां आदि हैं। तीसरा भाग दक्षिण में विंध्य पर्वत और पठार का है। इसमें कई सख्त चट्टानों की परत है और मैदानों, पहाड़ों, घाटियों और पठार की विविध टोपोग्राफी है। इस क्षेत्र में पानी सीमित है। यह राज्य भारत के जिन राज्यों से अपनी सीमा साझा करता है वह हैं:
हिमाचल प्रदेश
हरियाणा
झारखंड
उत्तराखंड
मध्य प्रदेश
छत्तीसगढ़
दिल्ली
राजस्थान
बिहार

उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियां यमुना, गंगा, घाघरा और सरयू हैं। कृषि के महत्व के अलावा इन नदियों का धार्मिक महत्व भी बहुत है। इस क्षेत्र का मौसम मुख्यतः सबट्राॅपिकल विशेषता वाला है। इसमें चार प्रकार के मौसम और नम संतुलित मौसम होता है।

उत्तर प्रदेश में ट्राॅपिकल मानसून प्रकार की जलवायु है जिसमें उंचाई के साथ बदलाव आते हैं। हिमालय क्षेत्र बहुत ठंडा है और मैदानी इलाकों में मौसम के साथ साथ तापमान में परिवर्तन आता है। राज्य में तीन अलग मौसम होते हैं। सर्दियां अक्टूबर से फरवरी, गर्मियां मार्च से मध्य जून और बरसात का मौसम जून से सितंबर का होता है।

मैदानी इलाकों में पूर्व में सबसे ज्यादा बरसात होती है और बाढ़ यहां की बार-बार आने वाली एक समस्या है। बाढ़ से फसलों, संपत्ति और जीवन को बहुत नुकसान होता है। गर्मियां सूखी और गर्म होती हैं जिसमें औसत 45 डिग्री तापमान के साथ धूल भरी हवाएं भी होती हैं। सालाना बरसात औसत तौर पर 990 मिमी. होती है जिसमें से 85 प्रतिशत मानसून में होती है। बरसात के दिनों में तापमान में थोड़ी कमी आती है। सर्दियां बहुत ठंडी होती हैं जिसमें पारा 4 डिग्री तक गिर जाता है और कोहरे से राज्य के कई इलाकों में हालात पर असर पड़ता है।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था
अर्थव्यवस्था के हिसाब से उत्तर प्रदेश भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े भाग कृषि और सेवा क्षेत्र हैं। सेवा क्षेत्रों में यात्रा, पर्यटन और होटल उद्योग, रियल एस्टेट, वित्तीय और बीमा परामर्शी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश का प्रमुख व्यवसाय कृषि है। गेंहू मुख्य फसल और गन्ना मुख्य वाणिज्यिक फसल है। देश का लगभग 70 प्रतिशत गन्ना उत्तर प्रदेश से आता है। राज्य में स्थानीय और बड़े उद्योग हैं जो स्टील, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रानिक, चमड़े, केबल, इंजीनियरिंग उत्पाद, आॅटोमोबाइल, रेलवे कोच और वेगन, विद्युत उपकरण आदि का निर्माण करते हैं। राज्य में कई लघु उद्योग इकाइयां भी हैं। उत्तर प्रदेश साॅफ्टवेयर और इलेक्ट्राॅनिक के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी आकर्षित कर रहा है। लखनउ और नोएडा सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का हब भी बनते जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की जनसांख्यिकी
उत्तर प्रदेश राज्य में 199.8 मिलीयन लोग हैं जो इसे आबादी के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य बनाते हैं। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की जनसंख्या में विभिन्न समुदायों की स्थिति इस प्रकार हैः

उत्तर प्रदेश में सरकार और राजनीति
उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा संख्या में सदस्य संसद में जाते हैं। भारतीय संसद में लोक सभा में इस राज्य की 80 सीटें और राज्य सभा में 31 सीटें हैं। इस राज्य ने देश को आठ प्रधान मंत्री दिए हैं।

उत्तर प्रदेश की सरकार भारत की एक द्विसदनीय विधायिका है। यह एक लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित निकाय है जिसका प्रमुख राज्यपाल होता है। राज्यपाल का कार्यकाल पांच साल का होता है। राज्यपाल राज्य का औपचारिक प्रमुख होता है जो मुख्यमंत्री और मंत्रियों की परिषद को नियुक्त करता है। हालांकि राज्यपाल राज्य का प्रमुख होता है लेकिन राज्य के दिन-प्रतिदिन के कामकाज का प्रबंधन मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद द्वारा किया जाता है। मंत्रियों की परिषद में राज्य मंत्री, केबिनेट मंत्री और उप मंत्री शामिल होते है। मंत्रियों की परिषद का सहायक राज्यपाल का सचिव होता है जो कि सचिवालय का प्रमुख होता है।

समाज और संस्कृति
राज्य की संस्कृति और समाज की जड़ें यहां की परंपरा, साहित्य, कला और इतिहास की जड़ों में हैं। उत्तर प्रदेश की संस्कृति बहुरंगी है और समय के साथ यह बहुत समृद्ध हुई है। इसे सांस्कृतिक विविधता का वरदान प्राप्त है। राज्य में अनेक धार्मिक स्थल और तीर्थ स्थान हैं जहां कई श्रद्धालु जाते हैं। इस राज्य से बहने वाली दो पवित्र नदियों गंगा और यमुना का वर्णन भारतीय पुराणों में भी है।

उत्तर प्रदेश भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से एक है। आगरा शहर में विश्व के सात अजूबों में से एक अजूबा ताजमहल है। वाराणसी को विश्व के सबसे पुराने शहरों में से एक माना जाता है। उत्तर प्रदेश में कुंभ मेले का आयोजन होता है जिसमें एक करोड़ से ज्यादा हिंदू श्रद्धालु पवित्र नदी में स्नान करते हैं। इसे दुनिया में मानवों का सबसे बड़ा धार्मिक सम्मेलन माना जाता है।

राज्य में एक प्राचीन नृत्य और संगीत परंपरा है। कथक एक शास्त्रीय नृत्य रुप है जो यहां निखरा और बढ़ा है। रसिया गीत भी यहां की लोक विरासत में हैं जो राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम को दर्शाते हैं। कुछ अन्य लोक नृत्य और नाटक की शैलियों में रासलीला, रामलीला, नौटंकी, ख्याल, कव्वाली आदि हैं।

धार्मिक प्रथाएं और त्यौहार राज्य के समाज और संस्कृति का अभिन्न अंग हैं, ठीक वैसे ही जैसे वो भारत में अन्य स्थानों पर हैं। जाति और धर्म से परे यहां कई त्यौहार मनाए जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहारों में दीपावली, होली, दशहरा, नवरात्र, ईद, महावीर जयंती और बुद्ध जयंती हैं।

भाषाएं
उत्तर प्रदेश में वैदिक साहित्य के कई ग्रंथ और भजनों की रचना की हुई है। इन ग्रंथों में संस्कृत साहित्य की सबसे पुरानी कृतियां और हिंदू धर्म के प्राचीन शास्त्र शामिल हैं। इस राज्य को कई बार ‘भारत की हिंदू पट्टी’ भी कहा जाता है। हिंदी सन् 1951 के भाषा अधिनियम के तहत आधिकारिक भाषा बनी। सन् 1989 मेें इस अधिनियम में बदलाव करके उर्दू को उत्तर प्रदेश की अन्य मूल भाषा बनाया गया। यहां की पांच प्रमुख मूल भाषाएं अवधी, ब्रज भाषा, बुन्देली, कन्नौजी और खड़ी बोली हैं।

उत्तर प्रदेश में मेले और त्यौहार
बाराबंकी से 10 किलोमीटर दूर देवा में हर साल हाजी वारिस अली शाह के पवित्र स्थल पर देव मेला आयोजित होता है। अक्टूबर और नवंबर के महीने में बाराबंकी में आयोजित होने वाला यह देव मेला उत्तर प्रदेश और भारत के सांप्रदायिक सद्भाव को दर्शाता है। यहां खेल, संगीत, कवि सम्मेलन और खरीददारी के कई बड़े अवसर होते हैं। यह मुख्यतः एक धार्मिक मेला है जिसमें भारत, पाकिस्तान और मध्य पूर्व के भागों से श्रद्धालु आते हैं। यह मुख्य रुप से मुस्लिम धार्मिक अवसर है। उर्स या सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की याद में भारत भर से मुस्लिम यहां आते हैं। उत्तर प्रदेश के अन्य मशहूर त्यौहार हैं:

उत्तर प्रदेश में शिक्षा
उत्तर प्रदेश में विश्व के कुछ सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान हैं। भारत के अन्य विकसित राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश ने भी देश में शिक्षा के क्षेत्र मेें बहुत योगदान दिया है। पिछले कुछ सालों में राज्य सरकार ने शिक्षा में विभिन्न स्तरों पर बहुत निवेश किया है। सरकार ने राज्य में शिक्षा के परिदृश्य में सुधार के लिए निजी क्षेत्र के योगदान को भी स्वीकारा है और उसकी सराहना भी की है।

उत्तर प्रदेश में पर्यटन
उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों की अगर बात करें तो हिमालय की संुदर तलहटियों के बारे में बहुत कुछ कहा जा सकता है। खूबसूरत लैंडस्केप में स्थित हिमालय के पर्यटन स्थल सैलानियों के पसंदीदा स्थान हैं। अपनी समृद्ध और विविध टोपोग्राफी, जीवंत संस्कृति, त्यौहारों, स्मारकों और प्राचीन धार्मिक जगहों के कारण उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटकों के मामले में 71 मिलीयन से ज्यादा के सालाना आंकड़े के साथ पहले स्थान पर है। राज्य में कुछ मशहूर रुचिकर स्थानों में हैं: मंदिरों का शहर वाराणसी, आगरा - विश्व के सात अजूबों में से एक ताजमहल के लिए प्रसिद्ध, इलाहाबाद - कुंभ मेले के लिए मशहूर, कानपुर - उत्तर प्रदेश का व्यवसायिक और वाणिज्यिक हब, लखनउ - उत्तर प्रदेश की राजधानी, मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, झांसी, सारनाथ - जहां गौतम बुद्ध ने धर्म पर पहला उपदेश दिया था, कुशीनगर - माना जाता है कि गौतम बुद्ध ने मृत्यु के बाद यहां निर्वाण पाया था, मेरठ, मिर्जापुर, गाजियाबाद, गोरखपुर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा - आईटी, इलेक्ट्रिॅानिक और शिक्षा हब, आदि।

उत्तर प्रदेश के शीर्ष पर्यटक आकर्षण हैं:
ताजमहल
कुशीनगर
मथुरा
लखनउ
वाराणसी
बदायूं
गाजीपुर
इलाहाबाद
आगरा

उत्तर प्रदेश में परिवहन
उत्तर प्रदेश में परिवहन के विभिन्न साधनों द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। राज्य में दो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं - वाराणसी का लाल बहाहुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और लखनउ का चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट। इसके अलावा राज्य में चार घरेलू हवाई अड्डे भी हैं। उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है। गोरखपुर और इलाहाबाद पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के मुख्यालय हैं। बहुत बड़े सड़क नेटवर्क के कारण यह राज्य देश में नौ पड़ोसी राज्यों से भी जुड़ा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम राज्य के भीतर और आस पास के राज्यों में अपनी सेवाएं संचालित करता है।

अंतिम संशोधन : जुलाई 11, 2016

लेखक मन्जूर अहमद खान
बलरामपुर

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12/07/2016

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जनपद बलरामपुर में एक मिसाल कायम की नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती इशरत जमाल
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जनपद बलरामपुर के लिए मिसाल बने नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती इशरत जमाल

बलरामपुर नगर पालिका परिषद द्वारा निर्धन असहाय अविवाहित युवती व युवको का सामुहिक विवाह स्वर्गीय मो0 जावेद हसन के याद में जावेद हसन फांउडेशन द्वारा शाही अंदाज में शादी कराया जा रहा है
दुल्हे व दुल्हन के नाम कुछ इस प्रकार
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शमा हमराह सिराज
नगमा बानो हमराह रहमत अली
जेबा हमराह नसीम
सलौनी संग अशोक
सावित्री संग मोनू
मोहनी संग रवी
गुडिया संग अरुन
सोनम संग लक्षमण
सुधा संग नायब
साधना संग शिवप्रसाद
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रिपोर्टर अंजनी कुमार मौर्य
मोबाइल नम्बर
9839332430

ब्यूरो चीफ
मन्जूर अहमद खान
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01/12/2015

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