Advo Krishnesh Yadav

Advo Krishnesh Yadav परिश्रम ही सफलता की कुंजी हैं

पूर्व प्रधानमंत्री एवं ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। उनका सम्पूर्ण जीवन, जो किसान, गांव, गर...
23/12/2025

पूर्व प्रधानमंत्री एवं ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। उनका सम्पूर्ण जीवन, जो किसान, गांव, गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान को समर्पित था, हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने किसान को अन्नदाता से ऊपर उठाकर राष्ट्र की आत्मा के रूप में प्रतिष्ठित किया। उनके द्वारा कृषि, सामाजिक न्याय और ग्रामीण सशक्तिकरण के प्रति दिया गया दूरदर्शी नेतृत्व राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। “देश की तरक्की का मार्ग खेतों और खलिहानों से होकर जाता है” - उनके ये विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर समस्त अन्नदाताओं, कृषक मज़दूरों और किसान भाइयों-बहनों को किसान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। किसानों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष अविरल जारी रहेगा। विगत वर्षों में किसान-विरोधी नीतियों द्वारा किए गए अन्याय के विरुद्ध हमारी आवाज़ बुलंद होती रहेगी। किसानों के न्याय, अधिकार और समृद्धि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है। किसान ही भारत की अस्मिता है, किसान ही भारत का अभिमान है। #किसान_दिवस

28/10/2025


भारत एक प्राचीन देश है जिसकी सामाजिक संरचना बहुत जटिल और विविध रही है। इसी सामाजिक ढांचे में जाति व्यवस्था का विशेष स्थान रहा है। जाति की उत्पत्ति के विषय में कई मत हैं — धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक और ऐतिहासिक।
धार्मिक दृष्टि से, जाति व्यवस्था का वर्णन ऋग्वेद के पुरुष सूक्त में मिलता है। उसमें कहा गया है कि सृष्टि के प्रारंभ में परम पुरुष (ईश्वर) के शरीर के विभिन्न अंगों से चार वर्ण उत्पन्न हुए — ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र। ब्राह्मण मुख से उत्पन्न हुए, जिनका कार्य शिक्षा और ज्ञान देना था; क्षत्रिय भुजाओं से उत्पन्न हुए, जिनका कार्य शासन और रक्षा करना था; वैश्य जंघाओं से उत्पन्न हुए, जिनका कार्य व्यापार, कृषि और अर्थव्यवस्था से जुड़ा था; और शूद्र पैरों से उत्पन्न हुए, जिनका कार्य समाज की सेवा करना था। उस समय यह विभाजन कर्म और गुण पर आधारित था, न कि जन्म पर।
सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से, जैसे-जैसे समाज विकसित हुआ, लोगों ने अपने-अपने पारिवारिक कार्यों को अपनाना शुरू किया। समय बीतने के साथ जाति व्यवस्था जन्म आधारित हो गई। यानी जो व्यक्ति ब्राह्मण परिवार में जन्म लेता था, वही ब्राह्मण कहलाता था, चाहे उसके कर्म कुछ भी हों। यह व्यवस्था धीरे-धीरे ऊँच-नीच और भेदभाव का रूप ले बैठी।
ऐतिहासिक रूप से, कुछ विद्वान मानते हैं कि आर्यों ने भारत में अपने वर्चस्व को बनाए रखने के लिए जाति व्यवस्था को प्रोत्साहित किया। इससे समाज में वर्गभेद और सामाजिक असमानता गहराती चली गई।
आधुनिक काल में, जाति व्यवस्था को सामाजिक बुराई माना गया है। स्वतंत्र भारत के संविधान ने जाति आधारित भेदभाव को समाप्त किया और सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के अधिकार दिए।
आज आवश्यकता है कि हम जाति के स्थान पर मानवता, समानता और कर्म को महत्व दें। जब तक समाज में जातिगत भेदभाव रहेगा, तब तक सच्ची एकता और प्रगति संभव नहीं है। इसलिए हमें जाति नहीं, बल्कि इंसानियत को अपनी पहचान बनाना चाहिए।

कर्म करो, फल की चिंता मत करो:मनुष्य को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए, फल की चिंता किए बिना। जो जैसा कर्म करता है, उसे वै...
16/08/2025

कर्म करो, फल की चिंता मत करो:
मनुष्य को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए, फल की चिंता किए बिना।
जो जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है:
कर्म का फल अवश्य मिलता है, इसलिए अच्छे कर्म करते रहना चाहिए,
मनुष्य स्वयं अपने भाग्य का निर्माता है:
व्यक्ति अपने कर्मों से अपना भाग्य खुद बनाता है।
क्रोध इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है:
क्रोध मनुष्य की सोचने-समझने की शक्ति को नष्ट कर देता है
प्रेम:
सच्चे मित्र वही होते हैं जो समय पर साथ दें:
सच्चे मित्र वही हैं जो मुश्किल समय में भी साथ निभाते हैं।
नफरत से ज्यादा प्यार का महत्व है:
प्रेम, नफरत से अधिक शक्तिशाली है।
प्रेम में लेन-देन नहीं होता:
प्रेम निस्वार्थ होना चाहिए, इसमें कोई अपेक्षा नहीं होनी चाहिए।
ज्ञान:
खुद को जानो:
अपने आप को समझना, जीवन का सबसे महत्वपूर्ण ज्ञान है।
हर मुश्किल के पीछे एक मौका छिपा होता है:
हर चुनौती में सफलता का अवसर छिपा होता है।
सत्य ही जीवन का आधार है:
सत्य को जानना और उसका पालन करना, जीवन का मार्गदर्शक है।
जो कुछ भी हुआ, अच्छे के लिए हुआ। जो कुछ भी हो रहा है, अच्छे के लिए हो रहा है:
हर घटना का कोई न कोई कारण होता है, और वह अच्छे के लिए ही होती है।
धैर्य बनाए रखें:
धैर्य, सफलता की कुंजी है।
मन को वश में करें:
मन को नियंत्रित करना, जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
अपने कर्मों पर ध्यान दें:
अपने कर्मों के प्रति सचेत रहें।
सत्य, अहिंसा, और प्रेम का पालन करें:
ये तीन बातें जीवन को सार्थक बनाती हैं।
भगवान पर विश्वास रखें:
भगवान पर विश्वास रखना, जीवन को आसान बनाता है।
Akhilesh Yadav Nitin Gadkari Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Vadra Dimple Yadav Dharmendra Yadav Aditya Yadav Samajwadi Party Shivpal Singh Yadav

13/08/2025
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली आखिरी सांसNitin Gadkari Akhilesh Yadav Rahul Gandhi Pr...
05/08/2025

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली आखिरी सांस
Nitin Gadkari Akhilesh Yadav Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Vadra Aditya Yadav Dimple Yadav

04/08/2025
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, आदिवासी, वंचित समाज की बुलंद आवाज़, 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन जी का निधन, अत्यंत दु:खद!ईश्वर ...
04/08/2025

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, आदिवासी, वंचित समाज की बुलंद आवाज़, 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन जी का निधन, अत्यंत दु:खद!

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।

शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं।

भावभीनी श्रद्धांजलि !

31/07/2025

सत्ता,संपत्ति और सौंदर्य हमेशा स्थायी नहीं होती हैं यह क्षणभंगुर होती है
Power, wealth and beauty are not always permanent, they are fleeting
Nitin Gadkari Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Vadra Akhilesh Yadav

Naman
19/01/2025

Naman

Shat Shat Naman Mama ji
15/10/2024

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