21/05/2026
अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर भाजपा जिलाध्यक्ष मनदीप राणा का अनोखा अंदाज
खुद बनाई चाय, कार्यकर्ताओं को अपने हाथों से पिलाकर जीता दिल
अंबाला।
अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस को बेहद खास और आत्मीय अंदाज में मनाकर भाजपा के जिलाध्यक्ष मनदीप राणा ने सभी का दिल जीत लिया। आमतौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों और बैठकों में व्यस्त रहने वाले जिलाध्यक्ष का यह सादगी भरा रूप भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए किसी सुखद सरप्राइज से कम नहीं था। उनके इस अनोखे अंदाज ने न केवल कार्यकर्ताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि हर किसी को यह एहसास भी कराया कि नेतृत्व केवल मंचों तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपनेपन और व्यवहार में भी झलकता है।
जानकारी के अनुसार, मनदीप राणा रोजाना की तरह भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि वह सीधे अपने कार्यालय कक्ष में जाएंगे, लेकिन इस बार उनका कदम कार्यालय की रसोई की ओर बढ़ गया। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि रसोई में कार्यरत कर्मचारी आज अवकाश पर है। ऐसे में उन्होंने बिना देर किए खुद ही जिम्मेदारी संभाल ली।
जिलाध्यक्ष ने स्वयं गैस जलाई, बर्तन तैयार किया और बड़े ही सहज अंदाज में चाय बनानी शुरू कर दी। यह दृश्य देखकर कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ता भी हैरान रह गए और धीरे-धीरे रसोई के बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। हर कोई अपने जिलाध्यक्ष के इस सरल और जमीन से जुड़े व्यवहार को देखकर प्रभावित नजर आया।
चाय बनाते समय मनदीप राणा ने कार्यकर्ताओं के साथ हंसी-मजाक भी किया, जिससे कार्यालय का माहौल पूरी तरह पारिवारिक बन गया। उन्होंने पूरी आत्मीयता के साथ चाय तैयार की और फिर अपने हाथों से एक-एक कार्यकर्ता को कप में चाय डालकर पिलाई। कार्यकर्ताओं ने भी चाय की चुस्कियों के साथ अपने नेता के इस अपनत्व भरे व्यवहार की जमकर सराहना की।
इस मौके पर मनदीप राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस को खास तरीके से मनाने का विचार उन्हें अचानक आया। उन्होंने कहा कि चाय केवल एक पेय नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का माध्यम भी है। चाय के बहाने लोग एक-दूसरे के करीब आते हैं और आपसी संवाद मजबूत होता है।
जिलाध्यक्ष के इस सादगीपूर्ण और आत्मीय व्यवहार की चर्चा पूरे दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच होती रही। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि बड़े पद पर होने के बावजूद मनदीप राणा का जमीन से जुड़ा रहना ही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। उनके इस अंदाज ने यह साबित कर दिया कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो अपने कार्यकर्ताओं को परिवार की तरह सम्मान और अपनापन दे।अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर भाजपा जिलाध्यक्ष मनदीप राणा का अनोखा अंदाज
खुद बनाई चाय, कार्यकर्ताओं को अपने हाथों से पिलाकर जीता दिल
अंबाला।
अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस को बेहद खास और आत्मीय अंदाज में मनाकर भाजपा के जिलाध्यक्ष मनदीप राणा ने सभी का दिल जीत लिया। आमतौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों और बैठकों में व्यस्त रहने वाले जिलाध्यक्ष का यह सादगी भरा रूप भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए किसी सुखद सरप्राइज से कम नहीं था। उनके इस अनोखे अंदाज ने न केवल कार्यकर्ताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि हर किसी को यह एहसास भी कराया कि नेतृत्व केवल मंचों तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपनेपन और व्यवहार में भी झलकता है।
जानकारी के अनुसार, मनदीप राणा रोजाना की तरह भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि वह सीधे अपने कार्यालय कक्ष में जाएंगे, लेकिन इस बार उनका कदम कार्यालय की रसोई की ओर बढ़ गया। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि रसोई में कार्यरत कर्मचारी आज अवकाश पर है। ऐसे में उन्होंने बिना देर किए खुद ही जिम्मेदारी संभाल ली।
जिलाध्यक्ष ने स्वयं गैस जलाई, बर्तन तैयार किया और बड़े ही सहज अंदाज में चाय बनानी शुरू कर दी। यह दृश्य देखकर कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ता भी हैरान रह गए और धीरे-धीरे रसोई के बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। हर कोई अपने जिलाध्यक्ष के इस सरल और जमीन से जुड़े व्यवहार को देखकर प्रभावित नजर आया।
चाय बनाते समय मनदीप राणा ने कार्यकर्ताओं के साथ हंसी-मजाक भी किया, जिससे कार्यालय का माहौल पूरी तरह पारिवारिक बन गया। उन्होंने पूरी आत्मीयता के साथ चाय तैयार की और फिर अपने हाथों से एक-एक कार्यकर्ता को कप में चाय डालकर पिलाई। कार्यकर्ताओं ने भी चाय की चुस्कियों के साथ अपने नेता के इस अपनत्व भरे व्यवहार की जमकर सराहना की।
इस मौके पर मनदीप राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस को खास तरीके से मनाने का विचार उन्हें अचानक आया। उन्होंने कहा कि चाय केवल एक पेय नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का माध्यम भी है। चाय के बहाने लोग एक-दूसरे के करीब आते हैं और आपसी संवाद मजबूत होता है।
जिलाध्यक्ष के इस सादगीपूर्ण और आत्मीय व्यवहार की चर्चा पूरे दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच होती रही। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि बड़े पद पर होने के बावजूद मनदीप राणा का जमीन से जुड़ा रहना ही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। उनके इस अंदाज ने यह साबित कर दिया कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो अपने कार्यकर्ताओं को परिवार की तरह सम्मान और अपनापन दे।