Pratikdhar Dwivedi 'Devraj'

Pratikdhar Dwivedi 'Devraj' Advocate (अधिवक्ता)
उच्च न्यायालय इलाहाबाद

31/03/2024

72 हूरो के लिए 4 दुर्दांत अपराधियों के बीच में जन्नत ए फिरदौस मे संघर्ष जारी।।। 250 राउंड की फायरिंग हो चुकी है ।।। अब देखते है आगे क्या ।।।।।।

26/12/2023
04/01/2023

' लोकतंत्र कभी भी पुलिस राज्य नहीं हो सकता' :
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के महत्व पर जोर दिया, अनावश्यक गिरफ्तारी और रिमांड को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में "जेल नहीं जमानत" नियम के महत्व पर जोर दिया और अनावश्यक गिरफ्तारी और रिमांड को रोकने के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए। सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम केंद्रीय जांच ब्यूरो के मामले में जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ द्वारा दिए गए फैसले में स्वीकार किया गया कि भारत में जेलों में विचाराधीन कैदियों की बाढ़ आ गई है। फैसले में कहा गया, " भारत में जेलों में विचाराधीन कैदियों की बाढ़ आ गई है। हमारे सामने रखे गए आंकड़े बताते हैं कि जेलों के 2/3 से अधिक कैदी विचाराधीन कैदी हैं। इस श्रेणी के कैदियों में से अधिकांश को एक संज्ञेय अपराध के पंजीकरण के बावजूद गिरफ्तार करने की भी आवश्यकता नहीं हो सकती है जिन पर सात साल या उससे कम के लिए दंडनीय अपराधों का आरोप लगाया गया है। वे न केवल गरीब और निरक्षर हैं, बल्कि इसमें महिलाएं भी शामिल हैं। इस प्रकार, उनमें से कई को विरासत में अपराध की संस्कृति मिली है।"

04/01/2023

1. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) 2000 की धारा 66 A के तहत किसी पर भी मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए
2. हिंदू कानून के मुताबिक बेटी वसीयत के बिना पिता की मृत्यु के बाद स्व-अर्जित संपत्ति को विरासत में लेने में सक्षम : सुप्रीम कोर्ट
3. सुप्रीम कोर्ट ने एक दिलचस्प फैसले में पाया कि मूल मुख्तारनामा पेश करना आवश्यक नहीं है, यदि दस्तावेज़ को मुख्तारनामा धारक द्वारा पंजीकरण के लिए प्रस्तुत किया जाता है, जिसने दस्तावेज़ को निष्पादित किया था।
4. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायक ग्रेच्युटी भुगतान के हकदार हैं क्योंकि आंगनवाड़ी केंद्र अधिनियम, 1972 के तहत ' प्रतिष्ठान' हैं : सुप्रीम कोर्ट
5. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को वैक्सीन लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी व्यक्ति की शारीरिक अखंडता के अधिकार में वैक्सीनेशन से इनकार करने का अधिकार शामिल है।

01/01/2023

अग्रेजी नव वर्ष 2023 कि हार्दिक शुभकामनाये..
यह वर्ष आपके जीवन मे सम्पूर्ण खुशियॉ लाये.

Wishing u, 2023 will bring all possible, desirable, required things of your life..
Happy English calendar New Year 2023

09/04/2022

श्री राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं।।।।

02/04/2022

विक्रमी संवत् २०७९ की हार्दिक शुभकामनाएं।।।
नव नूतन वर्ष मंगलमय हो।।।
चैत नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

साभार*हिंदुत्व के विरुद्ध दुष्प्रचार की क्रोनोलॉजी समझिए―*पहले चरण में सितम्बर 2021 अमेरिका में विभिन्न विश्वविद्यालयों ...
02/01/2022

साभार
*हिंदुत्व के विरुद्ध दुष्प्रचार की क्रोनोलॉजी समझिए―*

पहले चरण में सितम्बर 2021 अमेरिका में विभिन्न विश्वविद्यालयों के माध्यम से एक 'डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व' नाम का कार्यक्रम आयोजित किया गया। उस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदुओं के विरुद्ध एक नए प्रकार का आक्रोश वैश्विक समाज में उत्पन्न करना था ताकि वे घृणा का पात्र बनें। क्योंकि हिंदुओं का कोई भी कार्य समाज की घृणा का कार्य नहीं बन पा रहा था, इसलिए एक टूल किट के माध्यम से इस कार्य को आगे बढ़ाया गया। एक कॉन्फ्रेंस अमेरिका में आयोजित की गई जिसमें दुनिया भर के चुनिंदा लोगों ने अपने विचार रखे और पूरी दुनिया में उसका प्रचार व प्रसार किया गया। हिंदुत्व को खतरे के रूप में बड़े पैमाने पर दुनिया में प्रसारित किया गया।

अब इसका दूसरा चरण देखिए...
दूसरा चरण है सलमान खुर्शीद की किताब जिसमें वह हिंदुत्व के ऊपर अनर्गल टिप्पणी करता है और बोको हरम जैसे संगठन से उसकी तुलना करता है। कांग्रेस उस किताब के संबंध में कोई बात नहीं कहती है, लेकिन विचार समाज में फेंक दिया जाता है और समाज की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जाता है।

अब इसका तीसरा चरण देखिए...
जयपुर में राहुल गांधी एक रैली करता है और उसमें हिंदू और हिंदुत्व के भेद को बताता है और यह बताने की कोशिश करता है कि हिंदू धर्म की रक्षा के लिए जो लोग कार्य करते हैं वह सब हिंदुत्ववादी हैं और हिंदुओं का हिंदुत्ववादियों से कोई लेना देना नहीं है।

अब इसका चौथा चरण देखिए...
राहुल गांधी के भाषण के तुरन्त बाद कांग्रेस की ओर से एक अभियान चालू होता है और इस अभियान में हिंदू और हिंदुत्व के विभेद को बताया जाता है जिससे समाज को बांटा जा सके और हिंदुओं के बीच में हिंदुओं की रक्षा करने वाले वर्ग के प्रति समाज में घृणा पैदा की जा सके।

अब इसका पांचवा चरण देखें...
छत्तीसगढ़ में जहां कांग्रेस की सरकार है वहां पर एक धर्म संसद का आयोजन किया जाता है। उस धर्म संसद का आयोजन करने वाले जो संगठन हैं उनका जुड़ाव एनसीपी और कांग्रेस से है और उस संगठन के माध्यम से हिंदू धार्मिक नेताओं को बुलाया जाता है। वहां कालीचरण महाराज का वक्तव्य कराया जाता है। कालीचरण महाराज हिंदुओं के जागृत समाज का प्रतीक हैं इसलिए वह अपने वक्तव्य में अपने विचारों को खुल कर व्यक्त करते हैं।

जैसे ही यह विचार सामने आता है तो फिर छठा चरण इसका चालू होता है और इस बात को चर्चा में लाए बिना कि रायपुर की धर्म संसद का आयोजन किसने किया था, सिर्फ यह चर्चा में लाया जाता है कि एक हिंदुत्व वादी संत है जिसने गांधी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है और उन्हें गिरफ्तार किया जाता है।

अब इसका सातवां चरण है और उस चरण में दुनिया भर के अखबारों में इस खबर को बनाया जाता है कि हिंदू धार्मिक नेता के द्वारा गांधी का अपमान किया जा रहा है। शब्द हिंदू धार्मिक नेता उपयोग किया जा रहा है, मतलब साफ है दुनिया भर में हिंदुओं को बदनाम करने के लिए जब आपके पास कोई अवसर ना हो तब स्वयं कार्यक्रम को आयोजित करें और फिर उस कार्यक्रम के आधार पर कार्यवाही करें और हिंदुओं को बदनाम करने का काम करें।

कांग्रेस को यह बताना होगा कि जिस कार्यक्रम में कालीचरण महाराज ने अपना वक्तव्य दिया था, उस कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ उसके द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की गई ? यह एक अभियान है जिसे हिंदुओं को बदनाम करने के लिए कांग्रेस के द्वारा उपयोग किया गया है।

अब इस काम का एक और चरण है वह 2 दिन से हम सबके बीच में फैलाया जा रहा है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि कालीचरण महाराज का हिंदुओं को समर्थन नहीं करना चाहिए। क्योंकि वह कांग्रेस के द्वारा बुलाए गए और कराए गए कार्यक्रम में गए थे। निश्चित तौर पर इतनी बात सही है कि कांग्रेस के द्वारा बुलाए गए और और कराए गए कार्यक्रम में वह गए थे, लेकिन उसके बाद जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह कालीचरण जी महाराज पर नहीं बल्कि एक हिंदुत्ववादी नेता कालीचरण महाराज पर और एक संत पर लगाए जा रहे हैं।

यह सारा खेल कांग्रेस द्वारा प्रायोजित है, हालांकि अभी तक वे हिंदू-हिंदुइज्म या हिंदू-हिंदुत्व को अलग साबित करने में सफल नहीं हुए। एक सामान्य हिंदू चुप है पर ऐसे गढ़े हुए नैरेटिव के खिलाफ है।

साभार

यह विचार डॉ अम्बेडकर के है और कितने प्रतिशत सत्य है।। इन दोनों में मुझे जानकारी नहीं , लेकिन विचार विचारणीय और सत्यता को...
16/09/2021

यह विचार डॉ अम्बेडकर के है और कितने प्रतिशत सत्य है।। इन दोनों में मुझे जानकारी नहीं , लेकिन विचार विचारणीय और सत्यता को जरूर व्यक्त करते है।।

अपने प्राणों का मोह छोड़, सहयोगी सैनिक का रक्षण ।करते मेजर पंकज पाण्डेय  जा गिरे गर्त, आहत तत्क्षण ।।सहकर्मी सैन्य प्रशास...
24/07/2021

अपने प्राणों का मोह छोड़,
सहयोगी सैनिक का रक्षण ।
करते मेजर पंकज पाण्डेय
जा गिरे गर्त, आहत तत्क्षण ।।
सहकर्मी सैन्य प्रशासन ने,
यद्यपि पर्याप्त प्रयास किये ।
पर बचा न पाये , मृत्युपाश ने
असमय आकर प्राण लिये ।।
अर्पित भारत माँ को सपूत,
गर्वित आकुल अन्तःस्थल तम ।
कैसे ये दुर्दिन झेलेंगे ?
परिजन सारे संस्तम्भित हम ।।
पंकज थे,यथानाम गुण तुम,
निर्लिप्त भाव से चले गये ।
पर शैवालों से हम विवर्ण,
हा !क्रूर काल से छले गये ।।
दिव्यात्मन् !रह देदीप्य वत्स!
तुम महादिव्य में समा गये।
राधा,कंचन,अवधेश ,अरू
आशीष सहित सब गमा गये।।
मेरे पातक भी हुये उदित,
आजन्म उन्हें भरना होना ।
दुहिता-वैधव्य-जन्य दव में,
अनुदिन प्रतिपल बरना होगा ।।
जिसविधि राखे,रहना वैसे,
कब ईश? खेल क्या करते हैं ?
मरती नआत्मा परम सत्य,
पर शेष बचे, नित मरते हैं ।।
शब्दों के भाव समर्पण से,
कुछ आत्मतुष्टि होती होगी,
पर घोर व्याधि कर्कट(कैंसर)मन से,
अब मुक्ति न जीते जी होगी ।।
मधुपेश शेष संस्मृतियों में,
माधुर्य,मुदित,मोहक,झाँकी ।
आकर नेत्रों में नाचेगी,
शाश्वत सौष्ठव मूरत बाँकी ।।
भारतमाता के पुण्यात्मन्,
सच्चे सपूत,गौरव ललाम,
इत्यलं !तुम्हारे चरणों में,
कोटिशः विनत अन्तिम प्रणाम ।।

श्री अनिल पांडेय चाचा जी ।।।

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Allahabad
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