21/06/2020
#शुशांत सिंह #हत्या पे #खुलासा
तीन लोग थे एक नौकर बाकी के दो दोस्त, तीनो ने मिलकर हत्या कर दी । एक ने पैर दबाया, दूसरे ने दोनों हाथों को कस के पकड़ा तीसरे ने तकिया मुँह पे रखा तब तक दबाया जबतक जान न निकल गई ।
इसके बाद फांसी का जुगाड़ किया, सारे documents निकाले और फर्जी दवा का पर्ची रखी और दरवाज़ा बन्द कर निकल गए । फिर शुरू हुआ नाटक फोन बाजी कर बहन को बुलाया ( पुलिस को बुलाने की जरूरत नही समझी ) ताला खोलने वाले को बुलाया और सबके सामने चूतिया बन के खड़े तमाशा देखते रहे ।
पैसे के लिए मर्डर का प्लान किया था इसके दोस्तों ने, गेम कोडिंग अरबों का खेल है ... #सुशांत ने बनाया था जिसको अब उसके इन दो दोस्तों के पास है ।
नौकर को लालच दिया गया है ।
इस तरह से हुई है सुशांत की हत्या ।
पुलिस से सवाल
1. जब कोई आत्महत्या करता है तो उसकी बॉडी को हाथ लगाना कानूनन जुर्म है ।
किसने और क्यो उतार के फिंगर प्रिन्ट को गड़बड़ किया ।
2. लटकती लाश की बॉडी को फ़ोटो क्यो नही ली ?
3. कमरे में स्टूल था या नही, शुशांत खुद कैसे लटक गया ?
4. गले पे रस्सी के निशान, दोनों बाजुओं पे पकड़ के निसान ( फ़ोटो देखें, केहुनी से ऊपर दोनों हाथों पे गहरे निसान है )?
5. जब कोई फांसी खुद लगाता है तो निसान गले से होते हुए दोनों जबड़ों के साइड से बनता है । लेकिन #सुशांत के गले पे निशान एकदम सीधे थे, जो किसी के गले घोटें जाने से बने । अर्थात हरे सिल्क के कुर्ते को रस्सी की तरह से प्रयोग करते हुए किसी ने पीछे से गले मे फंदा बना के कस के खींचा जिससे इतना गहरा सीधा निसान गले पे बना ।
6. बाई आंख पे नीला निसान कैसा ?
को मेरे इस एंगल पे विचार करना चाहिए और नौकर ,इसके दोनों दोस्तो को थर्ड, फोर्थ फिफ्त जितनी भी डिग्री हो उतना टॉर्चर दे सच उगलवाना चाहिए ।
मैने आवाज़ उठा दी है अब हिन्दू समाज की बारी है इसे पूरे हिंदुस्तान में वायरल कर दो, #सुशांत को न्याय चाहिए ।