23/05/2021
वसीहत आपके बाद भी आपकी इच्छाओं को जीवित रखने, रखवाने और मनवाने का एकमात्र और सर्वोत्तम साधन है।
-उत्तम चन्देल अधिवक्ता (विधिशास्त्रविद्)
वसीयत या विल लिखना भविष्य योजना का अंतिम चरण है विशेषकर उस ककल के लिए जकब आप मौजूद न होंगे। यह आपको अपनी विरासत सही हाथोंं में पीछे छोड़कर जाने की सहूलियत देता है। यह सुनिश्चित करता है कि आपके उतराधिकारी आपकी मेहनत का सही लाभ उठा सकें।
वसीयत क्या है?
वसीयत या विल एक कानूनी दस्तावेज है जो बताता है कि कोई अपने न रहने पर अपनी संपत्ति कैसे बांटना चाहता है। यह नीचे बताए गए कामों में सक्षम बनाती है:
-अपनी इच्छानुसार आपकी संपत्ति का सही विभाजन।
-व्यवसाय की निरंतरता के लिए प्रावधान।
-नाबालिग बच्चों के लिए ट्रस्ट और अभिभावक नियुक्त करना।
विल न केवल आपको अपने प्रियजनों को शामिल करने की सहूलियत देती है, बल्कि कुछ ऐसे लोगों को भी शामिल करने का विकल्प देती है, जो आपकी विरासत के योग्य नहीं हो सकते हैं। यदि आप कोई संपत्ति रखते हैं और किसी ऐसे व्यक्ति को छोड़ना चाहते हैं, जो आपका स्वाभाविक उत्तराधिकारी नहीं है, तो आपको एक वसीयत बनानी ही होगी।
अगर आप वसीयत नहीं बनाते हैं तो क्या होता है?
अगर वसीयत किए बिना किसी की मौत हो जाती है तो स्वाभाविक रूप से उसकी संपत्ति को उत्तराधिकार कानूनों के अनुसार विभाजित और वितरित किया जाएगा। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों के लिए यह सबसे अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है। इससे संपत्ति गलत हाथों में पड़ सकती है या कुछ खास लोग जिन्हें आप लाभ पहुँचाना चाहते हैं, को बाहर रखा जा सकता है। यह मानते हुए कि आपने अपना पूरा जीवन अपनी संपत्तियों के निर्माण में बिताया है, अंत में इसे कौन प्राप्त करता है, इसका पूरा नियंत्रण बनाए रखना शायद एक अच्छा विचार है।
किस मामले में विल बनाना आवश्यक हो जाता है?
अगर कोई मान्य वसीयत को छोड़े बिना दुनिया से गुजर जाता है तो जीवित रिश्तेदारों के सामने भयावह समस्या हो सकती है। यह अनावश्यक चिंता और तनाव की वजह बनता है। पारिवारिक कलह और मुकदमेबाजी हो सकती है। एक स्पष्ट और अच्छी तरह से लिखित वसीयत वारिसों के बीच किसी भी टकराव से बचाने में मदद करती है।
विल नहीं बनाने के लिए सामान्य बहाने:
-मैं तो युवा हूं: कोई भी व्यक्ति जो कहता है कि वे बहुत छोटे हैं, केवल उम्र के साथ आने वाली प्राकृतिक मृत्यु के लिए जिम्मेदार हैं। लेकिन, आकस्मिक मृत्यु के बारे में क्या? आप अनुमान नहीं लगा सकते कि जीवन में क्या होता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि वसीयत बनाना कुछ ऐसा है जो आपको अपने जीवन के अंत में करना है। लेकिन, यह सभी आयु समूहों के लिए जरूरी प्रक्रिया है।
-पति को वैसे भी सब कुछ मिल जायेगा।
-पति की मृत्यु के बाद तो सब कुछ पत्नी और बच्चों का ही होगा।
- यह जटिल है : यदि विल बनाना जटिल है, तो उन जटिलताओं की कल्पना करें जो विल नहीं बनाने के साथ आती हैं।
किन बातों का रखें ध्यान!
कई निवेशकों का तर्क है कि उनकी अधिकांश संपत्ति में नामांकन है। लेकिन, एक व्यापक गलतफहमी है कि एक नॉमिनी किसी संपत्ति का अंतिम लाभार्थी होता है। एक नॉमिनी सिर्फ संपत्ति का ट्रस्टी या केयरटेकर होता है, मालिक नहीं। वह केवल किसी की मृत्यु के बाद संपत्ति को सही कानूनी उत्तराधिकारियों को हस्तांतरित करने के लिए नियुक्त किया जाता है, वसीयत एक 'सर्वोच्च' दस्तावेज है। यदि किसी नॉमिनी को अदालत में चुनौती दी जाती है, तो वसीयत या उत्तराधिकार कानूनों में एक नॉमिनी को ओवरराइड करने की शक्ति होती है, जिसका अर्थ है कि नॉमिनी संपत्ति पाने के लिए जरूरी नहीं है। इसलिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि नामांकन करने के बावजूद वसीयत भी बनाई जाए।
-कई बार केवल परिवार का मुखिया ही विल तैयार करने के बारे में सोचता है। लेकिन, पारिवारिक संपत्ति सदस्यों में फैली हुई है, तो सुनिश्चित करें कि परिवार में सभी संपत्तिधारकों के पास वसीयत हाे।
-नाबालिग बच्चों वाले परिवारों के लिए एक वसीयत बनाना बिल्कुल जरूरी है। यदि किसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में माता-पिता दोनों विल के बिना मर जाते हैं, तो कोई भी व्यक्ति यह सुनिश्चित करने के लिए नहीं मान्य होगा कि बच्चे और संपत्ति की देखभाल कैसे की जाए। विल छोटे बच्चों के लिए ट्रस्टी या संरक्षक नियुक्त करने की सुविधा देती है।
-किसी वसीयतकर्ता द्वारा की गई कोई भी वसीयत रद्द हो जाती है अगर वह शादी कर ले, मतलब किसी व्यक्ति की शादी से पहले लिखी गई सभी वसीयतें अमान्य हैं। कानूनी रूप से बाध्यकारी होने के लिए शादी करने के बाद विल को फिर से लिखना होगा।
वसीयत करने का क्या तरीका है?
चूंकि आपकी विल शायद सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिस पर आप हस्ताक्षर करते हैं, इसलिए सलाह दी जाती है कि जब आपके पास समय हो और तसल्ली हो तब शांत मन से इसके लिए बैठें, किसी भी भूमि, अचल संपत्ति, बैंक जमा, शेयर, जीवन बीमा, सोना, व्यक्तिगत विरासत और अन्य निवेश सहित अपनी सभी परिसंपत्तियों को सूचीबद्ध करके इसकी शुरुआत करें। आप अपनी बकाया देनदारियों पर भी ध्यान दें।
किस तरह के निर्णय लेने की जरूरत होगी?
- अपने लाभार्थियों का फैसला करें
-नाबालिग बच्चों के लिए अभिभावक तय करें।
-अपने व्यवसाय, एचयूएफ, आदि के लिए उत्तराधिकार की योजनाएं तय करें।
-दो गवाहों का चयन करें। गवाहों को विल में लाभार्थी नहीं होना चाहिए। कुछ मामलों यह विल को अमान्य बना सकता है, ऐसे गवाह चुनें, जिसे मौत से कोई फायदा नहीं हो।
-एक निष्पादक नियुक्त करें, आपके निष्पादकों को आम तौर पर आपसे छोटा होना चाहिये।
-इसका मसौदा तैयार करने के लिए एक उचित वकील की सेवाएं लें, जब तक यह एक सीधा मामला नहीं हो, तब तक इसे स्वयं करने का प्रयास न करें, यही बेहतर होगा।
अच्छी गुणवत्ता वाले A4 पेपर या हरे रंग के बहीखाता पत्र पर अपनी वसीयत को लिखें या प्रिंट करें। यह समय के साथ खराब नहीं होता है, सिलवटों के बिना इसे एक पूर्ण आकार के लिफाफे में स्टोर करें और समय रहते इसका पंजीकरण अवश्य ही करवायें।
-भारतीय कानूनों के अनुसार, इसे पंजीकृत करना या स्टैंप पेपर पर लिखना जरूरी नहीं है, ऐसा है भी और नहीं भी। हाँलाकि, आप रजिस्टर करते हैं, तो यह केवल इसकी प्रामाणिकता पर उठाए गए किसी भी संदेह का अंत करता है और आपके बाद आपकी इच्छाओं को बेहिचक क्रियान्वित करती है। आपके क्षेत्र के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में विल पंजीकृत होती है।
-वसीयत मान्य होने के लिए जब आप हस्ताक्षर करते हैं तो दोनों गवाहों को शारीरिक रूप से एक साथ उपस्थित होना चाहिए उरुस्का पंजीकरण अवश्य ही करवायें। आपके गवाहों को जरूरत पड़ने पर अदालत में गवाही देने के लिए बुलाया जा सकता है।
-आप उसकी एक प्रति बना सकते हैं, उन्हें अलग-अलग स्टोर कर सकते हैं परंतु भ्रम से बचने के लिए अपनी विल की कई प्रतियाँ न बनाएं, कॉपियों को नोटरीकृत किया जाना चाहिए एक असुरक्षित विकल्प है पुख्ता कानूनी समाधान नहीं समाधान केवल उसका पंजीकरण ही है।
-विल को आपके बैंक के लॉकर में सुरक्षित रूप से रखा जाना चाहिए। लाभार्थियों और निष्पादकों को यह सूचित किया जाना चाहिए कि आपने अपनी वसीयत कहाँ जमा की है।
-जैसे ही आपकी परिस्थितियाँ और संपत्ति बढ़ती या बदलती हैं, आपको हर 3-4 साल में अपनी वसीयत की समीक्षा करनी चाहिए और इसे अपडेप रखना चाहिए।
-अगर आप दूसरी, तीसरी या चौथी विल बनाते हैं तो पंजीकरण करवाने के साथ साथ पिछली वसीयतों को रद्द भी करवाते चलें।
-विल बनाना न केवल आपकी मानसिक शांति के लिए जरूरी है, बल्कि इससे प्रियजनों के बीच खटास की आशंका भी खत्म होती है।
अधिक जानकारी के लिए संयोर्क कर सकते हैं:
9837034568, 9369132435
ऐडवोकेट चन्देल एंड कंपनी, आगरा