29/05/2026
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
उर्दू के मशहूर शायर, हर दिल अज़ीज़ जनाब बशीर बद्र आज महफिल से हमेशा के लिए उठकर चले गए. अलविदा बशीर साहब. आप हमेशा अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदा ही नहीं, ज़िंदाबाद रहेंगे.