13/05/2025
इन्हें कोन नहीं जानता वर्तमान समय हर एक संबंध जातिगत आधार पर एक दूसरे से जुड़े हुए देखे जाते हैं लेकिन मेरे और इनके बीच जाति से परे जाकर एक भाई जैसा रिश्ता है 2018 से लेकर अभी तक के सफर में यदि हम एक दूसरे से मिलते हैं तो वहीं पूरानी यादें तरो-ताजा हो जाती है हलाकि बहुत से लोगों ने हम लोगों के बीच जातिगत आधार पर फूट डालने की कोशिश की लेकिन वह कहावत है कि हमेशा सोने को सोने की परख होती है इसलिए मेरे लिए आज भी यह महाशय एक खरा सोना है हम दोनों के बीच कभी न तो मनभेद रहा ओर न ही मतभेद, बड़े धैर्यतापूर्वक हम दोनों ने एक दूसरे के प्रति छोटे ओर बड़े भाई के रूप में अपने रिश्तों व संबंधों को धीरे धीरे मजबूत बनाया है जो वर्तमान समय में एक स्तंभ के रूप में अब खड़ा हो गया है।
हम दोनों के मध्य एक दूसरे के प्रति आज भी वही निस्वार्थ समर्पण आप सभी देख सकते हैं। यह हमेशा मेरे भविष्य को लेकर अपनी चिंता ब्यक्त करते रहते हैं कभी कभी तो सार्वजनिक रूप से भी मेरे प्रति ऐसे शब्द निकाल देते हैं कि मुझे इनकी बातों को बड़े ही गंभीरता पूर्वक विचार करना पड़ जाता है। हालांकि इनका मेरे ऊपर कोई अधिकार तो नहीं है लेकिन रिश्ते ओर संबंधों ने इन्हें वह सभी अधिकार दे दिए हैं जो सिर्फ मेरे ऊपर मेरे परिवार के है।
अतः मैं तो इस बात से काफी खुश रहता हूं कि आज BHU में मेरा जितने भी लोगों से अच्छे संबंध है वह सिर्फ आशुतोष भइया ओर मेरी मेहनत के ही माध्यम से बना हुआ है आज मैं वर्तमान समय में BHU में अपने परिचय देने का मोहताज नहीं हूं क्योंकि BHU के हर विभाग हर संकायों में लोग मुझे आज भी आशुतोष भैया के छोटे भाई के रूप में जानते है।
यदि मेरे द्वारा किसी मामले में सकारात्मक कदम उठा देता हूं तो वह पीड़ित व्यक्ति आशुतोष भैया को ही मेनिज करने के लिए फोन करते हैं ऐसी घटनाएं मेरे साथ कई बार हो चुकी है लेकिन सबसे अच्छी बात तो यह है कि इन्होंने कभी भी मेरी कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप नहीं किया बल्कि उसमें मुझे ओर सहयोग प्रदान करते हुए मेरी कार्यप्रणाली को अंजाम तक पहुंचाने में इन्होंने मेरी हर संभव मदद की है।