26/01/2026
आओ झुक कर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून जो,
देश के काम आता है......
🇮🇳 समस्त देशवासियों को 77 वें गणतंत्र दिवस 🇮🇳
की हार्दिक शुभकामनाएं..!🚩 ...
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आज का दिन आधुनिक भारत के इतिहास मे बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। आज के दिन 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। भारत लम्बे समय से विभिन्न राजाओं की मनमानी, मुगलो द्वारा लागू इस्लामी शरीयत तथा अंग्रेजों द्वारा लागू किये गए ब्रिटिश कानून से चलता रहा था। जिनसे देश की जनता कभी संतुष्ट नहीं रही।
15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजाद होने के बाद सबसे बड़ी समस्या थी कि - देश को अब चलाया कैसे जाय ? इसका हल निकालने के लिए एक संविधान सभा का गठन किया गया। जिसमे डॉ राजेन्द्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, आदि प्रमुख सदस्य थे।
संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। इस सभा ने 9 दिसम्बर 1947 से अपना काम प्रारम्भ कर दिया था। सच्चिदानन्द सिन्हा इस सभा के प्रथम सभापति थे, किन्तु बाद में डॉ राजेन्द्र प्रसाद को सर्वसम्मति से सभापति निर्वाचित किया गया। डा. भीमराव आंबेडकर को निर्मात्री समिति का अध्यक्ष चुना गया।
इस संविधान सभा ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन मे कुल 114 दिन बैठक की। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी। भारत का संविधान 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ था। हमारे संविधान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि - इसमें आवश्यकतानुसार संशोधन किये जा सकते हैं।