16/09/2025
पिता के जिंदा रहते दादा की संपत्ति पर पोते का हक नहीं : #दिल्ली हाई कोर्ट
हिंदू उत्तराधिकार कानून से संबंधित एक अहम फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि हिंदू व्यक्ति अपने दादा की संपत्ति में तब तक हिस्सा नहीं मांग सकता जब तक की उसके माता-पिता जीवित हो कोर्ट ने उत्तराधिकार कानून की धारा 8 का हवाला देते हुए कहा कि पिता के जीवित रहते पोता प्रथम श्रेणी का उत्तराधिकारी नहीं है जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने एक हिंदू महिला की अपने पिता और बुआ के खिलाफ दायर याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया याचिकाकर्ता महिला ने दादा की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति में हिस्सा मांगा था तर्क दिया गया कि क्योंकि संपत्ति उसके दादा की स्व अर्जित है इसलिए यह पैतृक संपत्ति है और इसमें हिस्सा मिलना चाहिए कोर्ट ने यह तर्क नहीं माना पिता व बुआ ने दावा किया कि उनके पिता यदि आज का करता के दादा की मृत्यु के बाद संपत्ति पूरी तरह से उनकी हो गई है इसलिए याचिकाकर्ता को इस पर कोई अधिकार नहीं है कोर्ट में आदेश में कहा कि हिंदू उत्तराधिकार कानून लागू होने से पहले एक व्यक्ति को अपने पिता दादा या पर दादा से विरासत में मिली संपत्ति पैतृक संपत्ति मानी जाती थी और उसमें उसके बेटे का अधिकार जन्म से ही स्थापित हो जाता था l