I am Arjun singh Kurmi

I am  Arjun singh Kurmi Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from I am Arjun singh Kurmi, Legal, Sagar.

19/01/2026
03/08/2025

*सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: पति-पत्नी के बीच फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग कोर्ट में सबूत के तौर पर मानी जाएगी!*

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि पति-पत्नी के बीच फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग को कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जा सकता है। यह फैसला पारिवारिक मामलों में एक नए मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

*फैसले के मुख्य बिंदु:*

- *निजता का अधिकार असीमित नहीं*: कोर्ट ने माना कि निजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, लेकिन यह असीमित नहीं है। कानूनी कार्यवाही के संदर्भ में इस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
- *वैवाहिक विवादों में रिकॉर्डिंग*: यदि पति-पत्नी के बीच कानूनी विवाद है, तो ऐसी कॉल रिकॉर्डिंग को निजता का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
- *निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार*: कोर्ट ने जोर देकर कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर व्यक्ति को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है। यदि किसी पक्ष को अपने मामले से जुड़ा महत्वपूर्ण सबूत पेश करने से रोका जाता है, तो यह उसके निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का हनन होगा।

*फैसले के मायने:*

- *पारिवारिक अदालतों के लिए दिशा-निर्देश*: यह फैसला पारिवारिक अदालतों को स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान करता है कि ऐसे सबूतों को स्वीकार किया जा सकता है।
- *अधिकारों की रक्षा*: यह फैसला अधिकारों की रक्षा के लिए प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का पालन करने के महत्व को रेखांकित करता है।

*केस विवरण:*

- *केस शीर्षक*: विभोर गर्ग बनाम नेहा
- *केस नंबर*: SLP(C) नंबर 21195/2021 [1]

18/09/2023

भारत में पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए कई विकल्प होते हैं। निम्नलिखित हैं कुछ मुख्य विकल्प:

पुलिस थाना: सबसे पहला विकल्प है कि आप शिकायत अधिकारी के विरुद्ध उनकी पोस्टिंग के थाने में शिकायत दर्ज करें। आपको वही पुलिस थाना जाना होगा जिसके अधीन वह अधिकारी काम कर रहे हैं।

जिला पुलिस निगम (SP/COP): यदि थाने के पास ही शिकायत नहीं होती है या आपको थाने के अधिकारी के प्रति भ्रम है, तो आप जिला पुलिस निगम (SP या COP) के पास भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

विशेषाधिकारी: कुछ राज्यों में, विशेष आधिकारी भी होते हैं जो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों की सुनवाई करते हैं। आपको अपने राज्य के आधिकारी की खोज करनी होगी और उनके पास शिकायत दर्ज करने के लिए जाना होगा।

मानव अधिकार आयोग: यदि आपको लगता है कि आपकी शिकायत पुलिस द्वारा ठानी गई है और आपके मानव अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो आप मानव अधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

सम्बन्धित थाना क्षेत्र का न्यायालय: यदि आपको लगता है की आपके द्वारा शिकायत पर पुलिस द्वारा उस अधिकारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है तो सम्बन्धित थाना क्षेत्र के न्यायालय में याचिका दाखिल करके उनके विरुद्ध कार्यवाही भी कर सकते है।

15/08/2023

भारतीय स्वतंत्रता दिवस की आप सभी को हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएं

मैं आज की पावन अवसर में व्यवधान उत्पन्न करना नहीं चाहता किंतु इन्ही शुभकामनाओं के साथ आज एक प्रश्न मन में उमड़ा है कि क्या अंग्रेजों ने हमें स्वतंत्रता प्रदान की है या हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है या केवल अंग्रेजों ने हमें सत्ता का रुपांतरण अथवा हस्तांतरण किया है।

जिस प्रकार अंग्रेजी आक्रमणकारियों ने भारत में चोरी करने की उद्देश से शासन करने के उद्देश्य से शासन की स्थापना की थी उसी स्वरुप में आज भी शासन व्यवस्था कार्यरत है और यदि आज भी उसी स्वरुप में शासन गलत कार्यरत है तो क्या हम बस सकता में स्वतंत्र हुए शासन वही है नियम वही है नियम पालन करता वही है केवल शासक बदला है क्या हम इसकी पश्चात भी भारत को स्वतंत्र मान सकते हैं या उसी मानसिकता की गुलाम जो अंग्रेजी आक्रमणकारी ने स्थापित की थी ।

31/07/2023
29/05/2023

पति-पत्नी के मध्य मतभेदों पर पत्नी स्वयं को एवं अपने अधिकारों को संरक्षित रखने हेतु पति के विरुद्ध कुछ विशेष बाद केस दर्ज करा सकती है जिसमें वह धारा 9 हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत विवाह पुनर्स्थापना हेतु केस लगा सकती है धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत वह पति से भरण पोषण हेतु गुजारा भत्ता प्राप्त करने हेतु बाद दायर कर सकती है यदि पति अथवा ससुराल पक्ष की ओर से दहेज हेतु प्रताड़ित किया जा रहा हो तब वह धारा 3,4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत केस दायर कर सकती है एवं यदि उसे हिंसा द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा हो (वह हिंसा किसी भी प्रकार की हो सकती है) तो वह घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत पति एवं ससुराल पक्ष के विरुद्ध घरेलू हिंसा हेतु केस दायर कर सकती है साथ ही 498 ए दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत भी हिंसा के विरुद्ध केस दायर कर सकती है।

नारी सशक्तिकरण हेतु निम्न नियम पत्नी को संरक्षित करने हेतु भारतीय विधि द्वारा प्रदर्शित किए गए हैं

सतर्क रहें जागरूक रहें

यदि कोई चिकित्सक/ डॉक्टर आपके उपचार में जानबूझकर गलती करता है और आपको नुकसान होता है तो आप उनके खिलाफ ipc की धारा 337,33...
21/05/2023

यदि कोई चिकित्सक/ डॉक्टर आपके उपचार में जानबूझकर गलती करता है और आपको नुकसान होता है तो आप उनके खिलाफ ipc की धारा 337,338 में कार्यवाही कर सकते है और यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो आप 304/A में कार्यवाही कर सकते है।

साथ ही आप उपभोक्ता फोरम में मुआवजा राशि प्राप्त करने हेतु भी केस दर्ज कर सकते है।

इतना ही नहीं आप उनकी मेडिकल डिग्री भी समाप्त करवा सकते है जिससे वह दुबारा किसी और के साथ बुरा नही कर सकता ।

भारतीय कानून पर भरोसा रखे

जय हिन्द जय भारत

09/05/2023

*THE KERALA STORY* के बारे में मामला जाने

केरल उच्च न्यायालय
Shahan Sha vs state of Kerala
BA 5288 OF 2009

Bestest company we ever get is when you be with your self 😉
02/12/2021

Bestest company we ever get is when you be with your self 😉

Address

Sagar

Telephone

+917803898212

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when I am Arjun singh Kurmi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category