25/06/2026
माँ धारी देवी मंदिर उत्तराखंड के श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के किनारे स्थित एक प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठ है. माँ धारी देवी को ‘चार धामों की रक्षक’ और ‘उत्तराखंड की संरक्षक देवी’ माना जाता है. यहाँ देवी काली की मूर्ति का केवल ऊपरी आधा भाग ही पूजा जाता है, जबकि निचला हिस्सा ‘कालीमठ’ में स्थित है. माँ धारी देवी दिन में तीन बार अपना रूप बदलती हैं, सुबह एक कन्या के रूप में, दोपहर में एक युवती के रूप में, और शाम को एक वृद्ध महिला के रूप में.
माँ धारी कालिंका की कृपा दृष्टि बनी रहे. जय माँ धारी भगवती.