Advocate of Sales Tax Online Service

Advocate of Sales Tax Online Service In this page i will solve all the Sales Tax (GST) related Quaries SO if u have any problem related to ITR , GST RETURN AND OTHERS. Then contact to me .

जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए मुरादाबाद पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल।  प्राप्त शिकायतों के ...
17/02/2026

जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए मुरादाबाद पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल। प्राप्त शिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। थाना स्तर पर ही समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर।

मुरादाबाद से नोएडा जा रही एक कार दिल्ली-लखनऊ हाईवे के छिजारसी टोल प्लाजा पर पहुंची. कार में दो महिलाएं और दो पुरुष थे. ट...
05/02/2026

मुरादाबाद से नोएडा जा रही एक कार दिल्ली-लखनऊ हाईवे के छिजारसी टोल प्लाजा पर पहुंची. कार में दो महिलाएं और दो पुरुष थे. टोल प्लाजा की स्कैनिंग मशीन में फास्टैग ब्लैकलिस्टेड दिखा, टोल कर्मियों ने शुल्क के साथ जुर्माना देने को कहा. इसी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि महिला ने पहले टोलकर्मी को थप्पड़ मार दिए. इसके बाद टोलकर्मियों ने भी महिला के साथ कार में सवार दो युवकों की पिटाई कर दी.
हापुड़ के छिजारसी टोल प्लाजा पर एक हाईवोल्टेज ड्रामा उस समय देखने को मिला जब एक कार सवार महिला और टोलकर्मियों के बीच मामूली कहासुनी के बाद मारपीट हो गई. फास्टैग को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि महिला ने पहले टोल बूथ में घुसकर टोलकर्मी को जमकर थप्पड़ मार दिए. वहीं इसके बाद टोलकर्मियों ने भी महिला के साथ कार में सवार दो युवकों की पिटाई कर दी. पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.

उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लोढ़ी टोल प्लाजा पर महिला अधिवक्ता और उनके परिजनों के सा...
03/02/2026

उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लोढ़ी टोल प्लाजा पर महिला अधिवक्ता और उनके परिजनों के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामजी तिवारी, निवासी हमीरपुर और सर्वेश यादव, निवासी अंबेडकरनगर के रूप में हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया।

ये दारोगा धनंजय सिंह हैंअक्टूबर में दो लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे। वीडियो में चार गड्डियाँ थीं ,पाँच-पाँच...
31/01/2026

ये दारोगा धनंजय सिंह हैं

अक्टूबर में दो लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे। वीडियो में चार गड्डियाँ थीं ,पाँच-पाँच सौ की, इतनी साफ़ तस्वीर थी कि रिश्वत भी शरमा जाए,

लेकिन न्याय की आँखें बहुत सूक्ष्म होती हैं। हाईकोर्ट ने जमानत दे दी

तर्क यह कि पैसे जेब या शरीर से बरामद नहीं हुए , फाइल में थे।इस फैसले के बाद एक नया सरकारी पाठ्यक्रम शुरू होना चाहिए -

"रिश्वत कैसे लें कि अदालत भी साथ दे"

पाठ एक: जेब नहीं, फाइल

पाठ दो: हाथ नहीं, थैला

पाठ तीन: सबूत दिखे तो कहो - ये मेरा नहीं, काग़ज़ों का था

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त और चौंकाने वाली टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ शब्दो...
31/01/2026

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त और चौंकाने वाली टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि राज्य में पुलिस अधिकारी नियमित रूप से जजों पर, खासकर चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) पर, मनचाहे आदेश दिलवाने के लिए दबाव बना रहे हैं और यह स्थिति उत्तर प्रदेश को पुलिस स्टेट की ओर धकेल रही है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने राज्य सरकार के वकील से कहा कि कोर्ट उत्तर प्रदेश को पुलिस स्टेट बनने से रोकेगा। यह टिप्पणी उन्होंने राजीव कृष्णा और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद से बातचीत के दौरान की।

कोर्ट ने डीजीपी और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का निर्देश दिया था। उनसे यह बताने को कहा गया था कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों के पैरों में गोली मारने यानी तथाकथित ‘एनकाउंटर कल्चर’ पर रोक लगाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह पाया कि खासकर सेवा में नए पुलिस अधिकारी, जिला अदालतों में न्यायिक अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि लगभग हर जिले में कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का खुला उल्लंघन हो रहा है। जस्टिस देशवाल ने टिप्पणी की कि उन्हें ऐसा एक भी मामला नहीं मिला, जहां कानून या सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सही ढंग से पालन किया गया हो।

कोर्ट ने कहा कि जब भी कोई न्यायिक अधिकारी या CJM किसी मामले में पुलिस से यह सवाल करता है कि आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया, तो अक्सर उस जिले के पुलिस अधीक्षक और न्यायिक अधिकारी के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। यह अब आम चलन बन गया है कि SP किसी खास आदेश के लिए न्यायिक अधिकारी पर दबाव डालना शुरू कर देता है।

जस्टिस देशवाल ने यह भी खुलासा किया कि पुलिस और न्यायपालिका के बीच बढ़ते टकराव को शांत करने के लिए एक CJM का तबादला तक करना पड़ा। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या किसी एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में यही हाल है।

कोर्ट ने कहा कि उन्हें जिला जजों से लगातार फीडबैक मिल रहा है कि युवा पुलिस अधिकारी, खासकर IPS अधिकारी, खुद को न्यायिक अधिकारियों से ऊपर समझने लगते हैं और उन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर पुलिस किसी आदेश से संतुष्ट नहीं है तो उसके पास कानूनी विकल्प मौजूद हैं, वह जिला जज के सामने रिवीजन दाखिल कर सकती है या आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकती है, लेकिन दबाव बनाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि बार एसोसिएशन के नेताओं से उन्हें इनपुट मिले हैं कि कई बार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सीधे कोर्टरूम में घुसकर न्यायिक अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं, जो न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ है।

जस्टिस देशवाल ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के बीच आपसी सम्मान बेहद जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने दो टूक कहा कि किसी भी पुलिस अधिकारी को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि वह किसी न्यायिक अधिकारी से श्रेष्ठ है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब कोई न्यायिक अधिकारी मंच पर बैठा होता है, चाहे वह जूनियर डिवीजन का ही क्यों न हो, उस समय वह कोर्टरूम में मौजूद हर व्यक्ति से ऊपर होता है। जस्टिस देशवाल ने यह भी बताया कि उन्होंने ट्रायल कोर्ट के जजों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान भी वे मंच से न उठें, क्योंकि उस समय प्रोटोकॉल के अनुसार न्यायिक अधिकारी सर्वोच्च होता है।

डीजीपी राजीव कृष्णा ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि यदि कहीं प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है तो उसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कानून की गरिमा सर्वोपरि है और इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती।

अंत में कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि पुलिस और न्यायपालिका के बीच अहंकार का टकराव किसी भी तरह से जनता के हित में नहीं है। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि सजा देने की शक्ति केवल न्यायपालिका के पास है, पुलिस के पास नहीं। डीजीपी ने भी इस बात से सहमति जताई कि पुलिस को हर हाल में कानून के दायरे में रहकर ही काम करना होगा।

Gold चमका, Silver फिसला – 2026 का अब तक का सफ़र 📊✨
31/01/2026

Gold चमका, Silver फिसला – 2026 का अब तक का सफ़र 📊✨

“Subah ki chai ke saath din ki shuruaat sabse pyaari hoti hai.” ☕
30/01/2026

“Subah ki chai ke saath din ki shuruaat sabse pyaari hoti hai.” ☕

28/01/2026
🇮🇳 26 January 2026 ki hardik shubhkamnayein!Deshbhakti, ekta aur samriddhi ke is pavitra din par Bharat Mata ki jai!Jai ...
26/01/2026

🇮🇳 26 January 2026 ki hardik shubhkamnayein!
Deshbhakti, ekta aur samriddhi ke is pavitra din par Bharat Mata ki jai!
Jai Hind 🇮🇳

धारा 8 (GST) के तहत Composite Supply को आसान शब्दों में समझाया गया है 📘जब एक से ज़्यादा सप्लाई साथ में होती हैं, तो मुख्...
24/01/2026

धारा 8 (GST) के तहत Composite Supply को आसान शब्दों में समझाया गया है 📘
जब एक से ज़्यादा सप्लाई साथ में होती हैं, तो मुख्य सप्लाई की दर से ही पूरा GST लगाया जाता है।
होटल में खाना + सर्विस जैसे उदाहरण से कॉन्सेप्ट और भी क्लियर होता है ✅
GST सीखना अब हुआ आसान और प्रैक्टिकल 👍

📘 GST की धारा 7 (Section 7 – Supply)GST कानून में धारा 7 यह बताती है कि Supply क्या होती है और किन लेन-देन पर GST लगता ह...
24/01/2026

📘 GST की धारा 7 (Section 7 – Supply)
GST कानून में धारा 7 यह बताती है कि Supply क्या होती है और किन लेन-देन पर GST लगता है।
✔️ वस्तुओं या सेवाओं की बिक्री
✔️ ट्रांसफर, एक्सचेंज, किराया, लीज
✔️ Import of Services (बिना consideration भी)
👉 याद रखें: GST केवल “Supply” पर ही लगाया जाता है।
📸 यह इमेज GST Section 7 को आसान भाषा में समझाती है।
अगर जानकारी उपयोगी लगे तो 👍 Like करें, 🔁 Share करें और 💬 Comment करें।

*अगर वर्दी ही डर बन जाए तो आम आदमी कहां जाए?**मेडिकल स्टोर पर फर्जी छापे, लूट और अपहरण का गंभीर आरोप।**_सबसे बड़ा सवाल: ...
22/01/2026

*अगर वर्दी ही डर बन जाए तो आम आदमी कहां जाए?*

*मेडिकल स्टोर पर फर्जी छापे, लूट और अपहरण का गंभीर आरोप।*

*_सबसे बड़ा सवाल: बिना नंबर की ‘पुलिस’ लिखी टाटा सुमो आखिर किसकी थी, जो इस पूरी घटना में शामिल बताई जा रही है?_*

Address

Moradabad
244001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Advocate of Sales Tax Online Service posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Advocate of Sales Tax Online Service:

Share