13/09/2025
अधिवक्ताओं के घरों में इस तरह की गुंडागर्दी अब बर्दाश्त नहीं होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कहा है – बिना किसी एफआईआर, बिना गिरफ्तारी वारंट और बिना अपराध के अधिवक्ता के घर में घुसकर उनके बेटे को उठाना पुलिस की खुलेआम ज्यादती है। पुलिस अपने आपको क्या समझती है ?? ये 19 सितम्बर को बताना पड़ेगा
बताईए जब न्याय के प्रहरी अधिवक्ता समाज ही सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी?
अब समय आ गया है कि ऐसी करतूतों को अंजाम देने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
यही है अधिवक्ताओं की असली आवाज़ – अन्याय के खिलाफ बेखौफ लड़ाई।