28/09/2026
मुझे क़ैद में नहीं रखा गया
इसलिए मैंने हदे पार नहीं की
मुझे उड़ाने दी गई इसलिए मैंने
आसमाँ को नहीं छेड़ा
मुझे बोलने दिया गया
इसलिए मैंने शब्दों का लिहाज़ रखा
मुझे रोका नहीं गया
इसलिए मैं ख़ुद ही रुक गई जहाँ मेरी ज़रूरत थी
मुझे भरोसा दिया गया
इसलिए मैंने भरोसा कभी तोड़ा नहीं
आज़ाद परिंदे कभी हद पार नहीं करते
वो लोटना जानते है । 🫰🏻