30/08/2025
उपराज्यपाल बनाम अधिवक्ता
13 अगस्त 2025 को दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना जी ने एक अधिसूचना जारी कीइसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत सभी दिल्ली पुलिस थानों (कुल 179 क्षेत्रीय थाने + विशेष इकाइयाँ जैसे रेलवे, मेट्रो, साइबर सेल आदि) को पुलिस अधिकारियों की गवाही रिकॉर्ड करने के लिए "नामित स्थान" (डेजिग्नेटेड प्लेस) घोषित किया गया।
इस अधिसूचना के जरिए पुलिस को थाने से ही न्यायालय में गवाही की व्यवस्था की गई थी। जैसे ही यह अधिसूचना जारी हुई वकीलों द्वारा इसका भारी विरोध किया गया । वकीलों का कहना है इस कानून से न्यायालय की निष्पक्ष विचारण की प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ेगा क्योंकि थानों पर पुलिस अधिकारियों का प्रभाव होता है जिससे निष्पक्ष विचारण पर प्रभाव पड़ेगा । वकीलों द्वारा इस कानून के विरोध में सड़कों से लेकर न्यायालय में भी कानूनी लडाई लड़ी गई है,सर्वोच्च न्यायालय में 26 अगस्त 2025 को दायर याचिका में भी सर्वोच्च ने इस कानून को असंवैधानिक माना है। आखिरकार वकीलों के काफी विरोध प्रदर्शन के बाद उपराज्यपाल के आदेश को कुछ समय के लिए आंशिक रुप से वापिस ले लिया है।✍️✍️✍️✍️