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Spiritual Gyan Ganga आध्यात्मिक ज्ञान

26/12/2025

हम सुल्तानी नानक तारे दादू को उपदेश दिया जात जुलाहा भेद न पाया काशी माही कबीर हुआ
15/11/2024

हम सुल्तानी नानक तारे दादू को उपदेश दिया जात जुलाहा भेद न पाया काशी माही कबीर हुआ

जगन्नाथ मंदिर जाने से पहले जानें यह रहस्यसमुद्र बार बार जगन्नाथ मंदिर को तोड़ रहा था और विष्णु जी से प्रतिशोध ले रहा था। ...
20/06/2023

जगन्नाथ मंदिर जाने से पहले जानें यह रहस्य
समुद्र बार बार जगन्नाथ मंदिर को तोड़ रहा था और विष्णु जी से प्रतिशोध ले रहा था। समुद्र ने कबीर परमात्मा से कहा कि जब यह श्री कृष्ण जी त्रेतायुग में श्री रामचन्द्र रूप में आया था तब इसने मुझे अग्नि बाण दिखा कर बुरा भला कह कर अपमानित
करके रास्ता मांगा था। मैं वह प्रतिशोध लेने जा रहा हू ।

गऊ अपनी अम्मा है, इस पर छुरी न बाह। गरीबदास घी दूध को, सब ही आत्म खाय।।चुटकी तारी थाप दे, गऊ जिवाई बेगि।गरीबदास दूझन लगी...
27/05/2023

गऊ अपनी अम्मा है, इस पर छुरी न बाह।
गरीबदास घी दूध को, सब ही आत्म खाय।।
चुटकी तारी थाप दे, गऊ जिवाई बेगि।
गरीबदास दूझन लगी, दूध भरी है देग।।

मृत गऊ को जीवित करना*
सिकंदर लोधी ने एक गर्भवती गाय को तलवार से काट दिया जिससे माँ, बेटे के चार टुकड़े हो गए और सिकंदर लोधी राजा ने कहा कि कबीर, यदि तू खुदा है तो इस गऊ को जीवित कर दे अन्यथा तेरा सिर भी कलम कर दिया जाएगा। परमेश्वर कबीर ने एक बार हाथ गऊ के दोनों टुकड़ों को तथा दूसरी बार उसके बच्चे के टुकड़ों को लगाया। उसी समय दोनों माँ-बेटा जीवित हो गए और कहा -


दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी के पीर शेख तकी ने कबीर परमेश्वर जी को “52 बार” (52 बदमाशी) मारने का षड्यंत्र रचा जिसे बावन ...
25/05/2023

दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी के पीर शेख तकी ने कबीर परमेश्वर जी को “52 बार” (52 बदमाशी) मारने का षड्यंत्र रचा जिसे बावन कसनी भी कहते हैं। वह हर बार असफल रहा। क्योंकि कबीर परमेश्वर का शरीर मुरी है अर्थात अविनाशी शरीर है। इस प्रकार अविनाशी का नाश करने में कोई सक्षम नहीं हैं। परमेश्वर कबीर साहेब जी पूर्ण ब्रह्म हैं, सर्व शक्तिमान परमात्मा हैं।
शेखतकी ने जुल्म गुजारे, बावन करी बदमाशी |
खूनी हाथी आगे‌ डालै, बांध जूड अविनाशी ||
#52

कबीर परमेश्वर सतलोक जाने की लीला 😭👇🙏माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि. सं. 1575 को परमेश्वर कबीर साहेब जी ने मगहर स...
22/05/2023

कबीर परमेश्वर सतलोक जाने की लीला 😭👇🙏
माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि. सं. 1575 को परमेश्वर कबीर साहेब जी ने मगहर से सशरीर सतलोक जाने की लीला की। इसके लिए उन्होंने एक चादर नीचे बिछाई और एक ऊपर ओढ़ ली। कुछ फूल नीचे वाली चादर पर बिछा दिए गए। और परमेश्वर वहां लेट गए चादर ओढ़ कर। थोड़ी देर में आकाशवाणी हुई कि मैं तो जा रहा हूँ सतलोक में। चादर उठाने पर शव की जगह सुगंधित फूलों का ढेर मिला। मगहर में हिंदुओं व मुसलमानों ने एक-एक चादर तथा आधे-आधे सुगंधित फूत लेकर सौ फुट के अंतर पर एक-एक यादगार भिन्न- भिन्न बनाई जो आज भी विद्यमान है।



#परमेश्वरकबीर_प्रकट दिवस2023
#कबीरपरमात्मा_के_जीवित_प्रमाण

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कबीर परमेश्वर जी के सतलोक गमन के समय हिंदू व मुसलमान उनके अंतिम संस्कार को लेकर लड़ने के लिए आमादा थे। कबीर परमेश्वर जी ...
20/05/2023

कबीर परमेश्वर जी के सतलोक गमन के समय हिंदू व मुसलमान उनके अंतिम संस्कार को लेकर लड़ने के लिए आमादा थे। कबीर परमेश्वर जी ने अपनी समर्थता का परिचय देते हुए इस गृह युद्ध को टाला व उनके शरीर के समान सुगंधित फूल उनके शरीर के स्थान पर प्राप्त हुए जिसे कबीर परमेश्वर जी के आदेशानुसार आधे आधे बांटकर हिंदुओं और मुसलमानों ने अपनी अपनी यादगार स्थापित की जो एक साथ बनी हुई है। यह प्रमाण आज भी उत्तर प्रदेश के मगहर शहर में विराजमान है कि कबीर जी हिंदू और मुसलमानों को एक करके अपने सतलोक चले गए।


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