28/04/2026
15 साल साथ रहे, बच्चा भी है। अब शादी नहीं हुई तो रेप का आरोप कैसे...? — सुप्रीम कोर्ट
मामले की पृष्ठभूमि:
एक महिला ने अपने लिव-इन पार्टनर (जो पहले से शादीशुदा था) पर शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाने और रेप/यौन शोषण का आरोप लगाया! दोनों करीब 15 साल तक साथ रहे (लिव-इन रिलेशनशिप में) उनके बीच एक बच्चा (लगभग 7 साल का) भी है।
रिश्ता टूटने के बाद महिला ने पुलिस में FIR दर्ज कराई, जिसमें रेप, मारपीट आदि के आरोप लगाए गए।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पहले ही आरोपी के खिलाफ FIR को रद्द (quash) कर दिया था।
महिला ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की।
सुप्रीम कोर्ट की मुख्य टिप्पणियाँ (Justice B.V. Nagarathna की बेंच):
सहमति का सवाल: जब दोनों वयस्क थे और 15 साल तक आपसी सहमति से साथ रहे, तो अब रिश्ता टूटने पर उसे रेप कैसे माना जा सकता है? “Where is the question of offence when there is a consensual relationship?”
बच्चे का होना: अगर सहमति से बच्चा पैदा हुआ, तो 15 साल बाद “शादी नहीं हुई तो रेप” का आरोप लगाना तर्कसंगत नहीं।
समय का फैक्टर: 15 साल तक शादी की मांग क्यों नहीं की? इतने लंबे समय तक बिना शादी के साथ रहने का मतलब यह नहीं कि शुरू से ही “झूठा वादा” था।
लिव-इन रिलेशनशिप का जोखिम: कोर्ट ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में शादी जैसी कानूनी सुरक्षा नहीं होती। यह एक जोखिम भरा रिश्ता है। अगर महिला बिना शादी के इतने साल साथ रही, तो बाद में इसे यौन शोषण कहना मुश्किल है।
कोर्ट ने महिला को नसीहत भी दी कि ऐसे मामलों में पीड़ित को ही शर्मिंदा न समझा जाए, लेकिन तथ्यों को देखना जरूरी है।
Advocate Vivek Pal Tiger
095596 95244
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