We Support Vishnu Shankar Jain

We Support Vishnu Shankar Jain Fan page of Shri Vishnu Shankar Jain Ji.
(6)

क्रम संख्या 471 में मध्य में स्थित यह 14वीं शताब्दी की एक खंडहर इमारत है, जिसमें अंदर एक गुंबद वाला कक्ष है, जिसे मेहबूब...
28/04/2026

क्रम संख्या 471 में मध्य में स्थित यह 14वीं शताब्दी की एक खंडहर इमारत है, जिसमें अंदर एक गुंबद वाला कक्ष है, जिसे मेहबूब तुगलक ने कमाल मोला के लिए बनवाया था।- विष्णु शंकर जैन

28/04/2026
28/04/2026

भोजशाला का प्रारंभिक सर्वेक्षण कैप्टन सी ने किया, जिसका उल्लेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (1902–1920) की रिपोर्ट में है, जहाँ वक्फ अधिसूचना पर प्रश्न उठाए गए और इसे भोजशाला बताया।

राजा भोज (1000–1055 ईस्वी) ने धार में भोजशाला नामक शिक्षण केंद्र स्थापित किया। यह सरस्वती मंदिर भी माना जाता है, जिसे बा...
28/04/2026

राजा भोज (1000–1055 ईस्वी) ने धार में भोजशाला नामक शिक्षण केंद्र स्थापित किया। यह सरस्वती मंदिर भी माना जाता है, जिसे बाद में कमाल मौला मस्जिद में बदल दिया गया।- विष्णु शंकर जैन

28/04/2026

यह अभिलेख संस्कृत भाषा में रचित है और राजा भोजदेव के शासनकाल से संबंधित है। इसमें 1091 (1133–34 ई.) वर्ष का उल्लेख किया गया है। इसे सुनिद द्वारा खुदवाया गया तथा शिवविव द्वारा लिखित किया गया।

यह निवेदन है कि यद्यपि मंदिर को ध्वस्त कर मस्जिद का निर्माण किया गया था, तथापि वर्तमान में वहाँ कोई विधिवत मस्जिद अस्तित...
27/04/2026

यह निवेदन है कि यद्यपि मंदिर को ध्वस्त कर मस्जिद का निर्माण किया गया था, तथापि वर्तमान में वहाँ कोई विधिवत मस्जिद अस्तित्व में नहीं है; मात्र नमाज़ अदा करने से कोई स्थान मस्जिद नहीं माना जा सकता।- विष्णु शंकर जैन

27/04/2026

मामले के गुण-दोष पर जाने से पहले उसके इतिहास को समझना जरूरी है। 11वीं शताब्दी में राजा भोज ने धार को विद्या का प्रमुख केंद्र बनाया, जहाँ भोजशाला की स्थापना हुई और सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा की जाती थी।

मध्य भारत के पुरातात्विक स्मारकों की वर्गीकृत सूची में क्रमांक 474 पर “कमाल मौला मस्जिद” का उल्लेख है, जिसे 11वीं शताब्द...
27/04/2026

मध्य भारत के पुरातात्विक स्मारकों की वर्गीकृत सूची में क्रमांक 474 पर “कमाल मौला मस्जिद” का उल्लेख है, जिसे 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा निर्मित सरस्वती मंदिर बताया गया है, जिसे बाद में मस्जिद में परिवर्तित किया गया।- विष्णु शंकर जैन

मूल योजना जानने के लिए वी. के. तिवारी ने भोजशाला में सीमित उत्खनन कराया। इसमें उत्तर और पूर्व दिशा में खुदाई से मध्यकाली...
26/04/2026

मूल योजना जानने के लिए वी. के. तिवारी ने भोजशाला में सीमित उत्खनन कराया। इसमें उत्तर और पूर्व दिशा में खुदाई से मध्यकालीन तथा संभवतः परमार काल के अवशेष प्राप्त हुए।- विष्णु शंकर जैन

Address

Allahabad

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when We Support Vishnu Shankar Jain posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share